अहमदाबाद सिविल अस्पताल में नवरात्रि के सातवें दिन शनिवार को दो ब्रेनडेड मरीजों के परिजनों ने अंगदान का साहसिक निर्णय लिया, जिससे कई जरूरतमंदों को नया जीवन मिला। अस्पताल में मात्र 9 घंटे के भीतर यह दोनों अंगदान किए गए, जिनसे कुल 8 अंग और ऊतकों का दान प्राप्त हुआ है।
अंगदान से जरूरतमंदों को जीवनदान
अस्पताल प्रशासन के अनुसार, अब तक 258 अंगदाताओं के जरिए कुल 1116 अंग और ऊतकों का दान हुआ है, जिससे 1000 से अधिक मरीजों को लाभ मिला है। पहला अंगदान 16 अक्टूबर की शाम 53 वर्षीय पुरुष के ब्रेनडेड होने के बाद हुआ। अस्पताल की अंगदान टीम के डॉ. मोहित चंपावत ने परिजनों को अंगदान के महत्व से अवगत कराया और उन्होंने सहमति दी।
परिजनों ने दिखाया मानवता का साहस
पहले मरीज के परिवार ने गुप्तदान के रूप में अंगदान करते हुए दो किडनी, एक लिवर, एक हृदय और त्वचा दान की। दूसरा अंगदान 17 अक्टूबर की सुबह 12:15 बजे 45 वर्षीय श्रीराम कोरी के ब्रेनडेड घोषित होने के बाद हुआ। वे ओढव रिंग रोड के पास हुए सड़क हादसे में गंभीर रूप से घायल हुए थे। डॉ. भावेश प्रजापति ने परिजनों को काउंसलिंग के बाद अंगदान के लिए तैयार किया।
पत्नी की सहमति से अंगदान हुआ
श्रीराम कोरी की पत्नी कलावतीबेन ने भारी मन से अंगदान की सहमति दी, जिससे एक लिवर और दो किडनी दान में मिलीं। इन अंगों को किडनी अस्पताल और यूएन मेहता अस्पताल में प्रत्यारोपण के लिए भेजा गया है। साथ ही, त्वचा को रोटरी स्किन बैंक ने स्वीकार किया है, जो जलने के मरीजों के उपचार में उपयोग होगी।
अहमदाबाद सिविल अस्पताल की उपलब्धि
चिकित्सा अधीक्षक डॉ. राकेश जोशी ने बताया कि अब तक 258 अंगदाताओं ने 856 अंगों और 260 ऊतकों का दान किया है। उन्होंने कहा कि अंगदान मृत्यु के बाद भी मानवता को जीवित रखने का पवित्र संकल्प है, जिससे कई मरीजों को जीवन और आशा मिलती है।
स्रोत: livetimes.news


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