अंतरिक्ष में घूम रहे पुराने सैटेलाइट और रॉकेटों के टूटने से बनने वाले छोटे कण आसमान में बर्फ के कणों से जुड़कर बर्फ बनने की प्रक्रिया को प्रभावित कर सकते हैं। इस बदलाव का मौसम पर भी असर हो सकता है।
अंतरिक्ष कचरे से बने छोटे कण
अंतरिक्ष में मौजूद पुराने सैटेलाइट और रॉकेट जब धरती की ओर लौटते हैं, तो वे हवा से टकराने पर गर्म होकर अपने कुछ हिस्से टूट जाते हैं। टूटे हुए ये हिस्से बहुत छोटे कणों में बदल जाते हैं। वैज्ञानिकों का मानना है कि ये छोटे कण आसमान में मौजूद बर्फ के कणों से जुड़ सकते हैं और वहां बर्फ बनने की प्रक्रिया को बदल सकते हैं।
वैज्ञानिकों ने कंप्यूटर मॉडल से समझा प्रभाव
इसरो के अंतरिक्ष विभाग के वैज्ञानिकों ने कंप्यूटर मॉडल की मदद से यह अध्ययन किया है कि अंतरिक्ष से लौटने वाले इन कणों का बर्फ के कणों के साथ कैसा व्यवहार हो सकता है। भारत की भौतिक अनुसंधान प्रयोगशाला (पीआरएल) के वैज्ञानिक त्रिनेश साना और संजय मिश्र ने नॉर्वे की वैज्ञानिक इंग्रिड मान के सहयोग से इस शोध को पूरा किया है।
बर्फ के कणों और मौसम पर संभावित असर
वैज्ञानिकों को आशंका है कि अंतरिक्ष से लौटने वाले कण आसमान में बर्फ के कणों से जुड़ कर बर्फ बनने और उसके कणों के बढ़ने के तरीके को बदल सकते हैं। इससे न केवल आसमान में बर्फ की संरचना प्रभावित हो सकती है, बल्कि इसका असर मौसम पर भी पड़ सकता है।


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