उत्तर प्रदेश में युवाओं के लिए बेहतर रोजगार अवसर उपलब्ध कराने के लिए योगी सरकार ने 1725 करोड़ रुपये की सरदार वल्लभभाई पटेल कौशल प्रशिक्षण एवं रोजगार क्षेत्र विकास योजना शुरू की है। इस योजना का शुभारंभ मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने 31 अक्टूबर को सरदार पटेल की 151वीं जयंती पर किया। योजना के तहत प्रदेश के 75 जिलों में स्किल और रोजगार जोन विकसित किए जाएंगे, जिनकी शुरुआत पांच जिलों से होगी।
महत्वपूर्ण तथ्य
- योजना का बजट 1725 करोड़ रुपये है।
- पहले चरण में पांच जिलों में स्किल और रोजगार जोन बनाए जाएंगे।
- युवाओं को इंडस्ट्री की मांग के अनुसार ट्रेनिंग दी जाएगी।
- नौकरी मिलने की गारंटी और चयन प्रक्रिया अभी स्पष्ट नहीं है।
- आगे योजना को प्रदेश के सभी 75 जिलों में विस्तारित किया जाएगा।
यूपी में स्किल और रोजगार जोन क्यों जरूरी हैं?
सरकार का उद्देश्य युवाओं को ऐसी स्किल ट्रेनिंग देना है, जो कंपनियों और उद्योगों की मांग के अनुसार हो। इससे युवा रोजगार पाने में सक्षम होंगे। ट्रेनिंग केंद्र स्थानीय जिलों में बनने से युवाओं को दूसरे शहरों में जाने की जरूरत कम होगी। यह योजना युवाओं की नौकरी पाने की क्षमता बढ़ाने पर केंद्रित है।
पहले चरण में कौन से जिले शामिल होंगे?
योजना को चरणबद्ध तरीके से लागू किया जाएगा और शुरुआत के लिए पांच जिलों का चयन किया गया है। हालांकि, अभी उन जिलों के नाम और केंद्र शुरू करने की तारीख सार्वजनिक नहीं की गई है। योजना के विस्तार में धीरे-धीरे पूरे प्रदेश के 75 जिलों को शामिल किया जाएगा।
ट्रेनिंग के बाद रोजगार कैसे मिलेगा?
योजना से जुड़े सवालों में यह भी है कि ट्रेनिंग पूरा करने के बाद युवाओं को नौकरी कैसे मिलेगी। फिलहाल सरकार ने नौकरी की गारंटी, कंपनियों की भागीदारी या चयन प्रक्रिया के बारे में कोई दिशानिर्देश नहीं दिए हैं। योजना का सफल होना इस बात पर निर्भर करेगा कि ट्रेनिंग को रोजगार के अवसरों से कैसे जोड़ा जाता है।
सरकार का दृष्टिकोण
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने इस योजना को युवाओं के कौशल विकास और रोजगार में सुधार के लिए महत्वपूर्ण कदम बताया है। उन्होंने कहा कि सरकार की कोशिश है कि ट्रेनिंग के जरिए युवाओं की रोजगार क्षमता बढ़े और उन्हें स्थानीय स्तर पर नौकरी मिले।
स्रोत: tv9hindi.com


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