मुख्यमंत्री योगी का दीपोत्सव पर संदेश
उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने अयोध्या में दसवें भव्य दीपोत्सव के अवसर पर प्रदेशवासियों को दीपावली की शुभकामनाएं दी हैं। उन्होंने बताया कि यह दीपोत्सव केवल दीप जलाने का त्योहार नहीं, बल्कि अंधकार से प्रकाश और निराशा से आशा की ओर बढ़ने का प्रतीक है। योगी ने कहा कि यह पर्व राम जन्मभूमि की सांस्कृतिक और आध्यात्मिक महत्ता को दर्शाता है।
दीपोत्सव में त्याग, मर्यादा और समर्पण की भावना
योगी आदित्यनाथ ने रामायण के प्रसंग का उल्लेख करते हुए बताया कि भरत ने 14 वर्षों तक राजसुख का त्याग कर श्रीराम की चरण पादुकाओं को सिंहासन पर प्रतिष्ठित किया था। मुख्यमंत्री ने कहा,
"अयोध्या का दीपोत्सव त्याग, मर्यादा और समर्पण की इसी भावना को विश्वपटल पर प्रतिष्ठित कर रहा है।"
उन्होंने बताया कि दीपोत्सव जीवन के उन मूल्यों को भी उजागर करता है जो केवल परंपरा तक सीमित नहीं बल्कि जीवन की दिशा निर्धारित करते हैं।
दीपोत्सव से रोजगार और आस्था को बढ़ावा
मुख्यमंत्री ने दीपमाला और राम की पैड़ी पर जल रहे लाखों दीपों की भव्यता का वर्णन किया और बताया कि ड्रोन द्वारा आकाशीय प्रस्तुतियां इस महोत्सव को अलौकिक रूप देती हैं। उन्होंने कहा कि इस उत्सव से कुम्हारों, पुष्प विक्रेताओं, होटल व्यवसायियों और स्थानीय व्यापारियों के रोजगार के अवसर बढ़ते हैं।
योगी आदित्यनाथ ने प्रदेशवासियों से अपील की कि वे अपने आस-पास के वंचित परिवारों की दीपावली को भी रोशन करें और उन्हें दीये, मिठाइयां और नए वस्त्र भेंट कर खुशहाली बांटें। उन्होंने युवाओं से सकारात्मक ऊर्जा के साथ आगे बढ़ने और स्वच्छता बनाए रखने की भी गुजारिश की।
अयोध्या आने का आह्वान और शुभकामनाएं
मुख्यमंत्री ने सभी से अयोध्या आकर प्रभु श्रीराम की नगरी के दीपोत्सव की दिव्य छटा का अनुभव करने को कहा। उन्होंने कामना की कि हर घर में खुशहाली हो, हर मन में सद्भावना बनी रहे और प्रदेश में विकास के रास्ते खुले रहें।
स्रोत: deshbandhu.co.in


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