लखनऊ: उत्तर प्रदेश के पीलीभीत विधानसभा क्षेत्र में मतदाता सूची में बड़ी गड़बड़ी मिलने पर निर्वाचन आयोग ने कड़े कदम उठाए हैं। मुख्य निर्वाचन अधिकारी नवदीप रिणवा ने ईसीआईनेट (ECINET) पोर्टल पर निर्वाचक रजिस्ट्रीकरण अधिकारी कार्यालय के सभी कंप्यूटर सहायकों की लॉगिन आईडी तत्काल प्रभाव से निष्क्रिय करने के आदेश दिए हैं। यह कार्रवाई 127-पीलीभीत क्षेत्र की मतदाता सूची में कथित छेड़छाड़ और लॉगिन आईडी के दुरुपयोग की शिकायतों के बाद की गई है।
गड़बड़ी में 13,779 फॉर्म शामिल
पीलीभीत सदर विधानसभा क्षेत्र की जांच में कुल 13,779 फॉर्म में गलत प्रविष्टियां पाई गई हैं। इनमें से 10,470 फॉर्म में मतदाताओं के नाम या उनके पिता के नाम में बदलाव किए जाने की शिकायत मिली है। इसके अलावा एक मतदाता के EPIC नंबर पर दूसरे व्यक्ति का विवरण दिखाई देने का भी मामला सामने आया है। इन गड़बड़ियों ने मतदाता सूची की विश्वसनीयता और निर्वाचन प्रक्रिया पर सवाल खड़े कर दिए हैं। प्रारंभिक जांच के बाद संबंधित अधिकारियों के खिलाफ प्राथमिकी भी दर्ज कराई गई थी।
लॉगिन आईडी बंद करने का आदेश और जांच का विस्तार
मुख्य निर्वाचन अधिकारी नवदीप रिणवा ने सभी कंप्यूटर सहायकों की लॉगिन आईडी बंद करने के साथ ही जिला निर्वाचन अधिकारियों को अपने-अपने जिलों में इस कार्रवाई का सत्यापन कर रिपोर्ट भेजने के निर्देश दिए हैं। रिणवा ने साफ किया कि मतदाता सूची में पारदर्शिता बनाए रखना प्राथमिकता है और किसी भी लापरवाही को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। इस मामले की गंभीरता को देखते हुए जांच और प्रशासनिक कार्रवाई का दायरा बढ़ाया जा रहा है।
आउटसोर्स कंप्यूटर सहायक की सेवा समाप्त
पीलीभीत में अनियमितताओं में संलिप्त पाए गए एक आउटसोर्स कंप्यूटर सहायक की सेवा तत्काल समाप्त करने का भी आदेश दिया गया है। इससे निर्वाचन कार्यालयों में डिजिटल पहुंच और उसके दुरुपयोग पर सख्त निगरानी का संदेश दिया गया है।
दो एसडीएम भी कार्रवाई के दायरे में
इस मामले में दो उपजिलाधिकारी (एसडीएम) हेमंत कुमार चौधरी और गोस्वामी मयंक को सरकार ने प्रतीक्षारत कर दिया है। हेमंत कुमार चौधरी को उत्तर प्रदेश राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण में विशेष कार्याधिकारी नियुक्त किया गया था, जबकि गोस्वामी मयंक को चकबंदी मुख्यालय लखनऊ में बंदोबस्त अधिकारी बनाया गया था। दोनों अधिकारियों पर मतदाता सूची में एक मतदाता के EPIC नंबर पर दूसरे व्यक्ति का विवरण दिखने के आरोप हैं। प्रारंभिक जांच के बाद उनके खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की गई है, लेकिन उनकी भूमिका की अंतिम पुष्टि जांच के बाद होगी।
मतदाता सूची की विश्वसनीयता पर सवाल
पीलीभीत की घटना ने मतदाता सूची तैयार करने की प्रक्रिया और उसकी निगरानी पर गंभीर सवाल उठाए हैं। 13,779 फॉर्म में गड़बड़ी मिलने के बाद आयोग ने सभी जिलों में कंप्यूटर सहायकों की लॉगिन आईडी निष्क्रिय करने के आदेश जारी किए हैं। अब इस आदेश के अनुपालन की जांच होगी और पीलीभीत में हुई अनियमितताओं की जिम्मेदारी तय की जाएगी। आयोग की चुनौती है कि मतदाता सूची की शुद्धता कायम रखी जाए और भविष्य में इस तरह की घटनाएं न दोहराई जाएं।
प्रमुख तथ्य
- पीलीभीत विधानसभा क्षेत्र की मतदाता सूची में 13,779 फॉर्म में गलतियाँ मिलीं।
- मुख्य निर्वाचन अधिकारी ने सभी कंप्यूटर सहायकों की लॉगिन आईडी निष्क्रिय करने का आदेश दिया।
- एक आउटसोर्स कंप्यूटर सहायक की सेवा समाप्त कर दी गई है।
- दो एसडीएम को प्रतीक्षारत कर दिया गया है और उनके खिलाफ प्राथमिकी दर्ज है।
स्रोत: deshbandhu.co.in


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