दिल्ली में 13 वर्षीय बच्चे का अपहरण और रेस्क्यू
दिल्ली पुलिस की ज्योति नगर थाना टीम ने 30 अक्टूबर की शाम 13 वर्षीय एक बच्चे को तीन घंटे के भीतर सकुशल बरामद किया। पुलिस ने गाजियाबाद निवासी 22 वर्षीय आरोपी आकाश को उस वक्त गिरफ्तार किया जब वह साइबर कैफे से फिरौती की रकम लेने पहुंचा था। आरोपी के पास से 5 हजार रुपये की फिरौती, स्कूटी और मोबाइल फोन जब्त किए गए हैं।
फिरौती की रकम वसूलने के लिए यूपीआई कोड का इस्तेमाल
पीड़ित बच्चे की मां ने बताया कि उनका बेटा दुकान से सामान लेने गया था, लेकिन वापस नहीं लौटा। कुछ देर बाद एक अज्ञात नंबर से कॉल आई और बच्चे को छोड़ने के बदले 40,000 रुपये की फिरौती मांगी गई। पुलिस ने इंस्पेक्टर प्रवेश कसाना की अगुआई में इलाके के CCTV फुटेज और सर्विलांस की मदद से जांच शुरू की। अपहरणकर्ता ने नकद की बजाय व्हाट्सएप पर यूपीआई बारकोड भेजा।
पुलिस ने एक अधिकारी के खाते से उस यूपीआई कोड पर 5,000 रुपये ट्रांसफर कर ट्रैप लगाया। लोकेशन ट्रैक करने पर पता चला कि यह करावल नगर के साइबर कैफे से जुड़ा था। कैफे संचालक सुनील सैनी ने बताया कि एक युवक 50 रुपये कमीशन लेकर 5,000 रुपये नकद लेने आया था।
दो बार पैसे ट्रांसफर कर आरोपी को साइबर कैफे में दबोचा
पुलिस ने बच्चे की पहचान कराई और उसी यूपीआई बारकोड पर दोबारा 5,000 रुपये भेजे। जैसे ही आरोपी दोबारा साइबर कैफे पहुंचा, पुलिस ने उसे दबोच लिया। आरोपी आकाश लोनी, गाजियाबाद का निवासी है और सदर बाजार में डिलीवरी हेल्पर का काम करता है। वह बच्चे को अपने कजिन के जरिए जानता था और उसी का फायदा उठाकर स्कूटी पर बैठाकर ले गया था।
स्रोत: tv9hindi.com


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