उत्तराखंड में महिलाओं के लिए एक महत्वपूर्ण योजना शुरू की गई है। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने बताया कि प्रदेश सरकार की एकल महिला स्वरोजगार योजना के तहत महिलाओं को स्वरोजगार स्थापित करने के लिए 2 लाख रुपए तक की सहायता दी जा रही है। यह योजना महिलाओं को आर्थिक रूप से सशक्त बनाने और उन्हें आत्मनिर्भर बनाने के उद्देश्य से लागू की गई है।
एकल महिला स्वरोजगार योजना का उद्देश्य
मुख्यमंत्री धामी ने अपनी सोशल मीडिया पोस्ट में बताया कि इस योजना का मुख्य लक्ष्य महिलाओं को स्वावलंबन की दिशा में आगे बढ़ाना और उन्हें आत्मसम्मान के साथ जीवन जीने के अवसर प्रदान करना है। उन्होंने साथ ही एक पोस्टर भी साझा किया, जिस पर लिखा था, “निर्णय जो बने महिला सम्मान की गारंटी।”
योजना की वित्तीय सहायता और सब्सिडी
इस योजना के तहत स्वरोजगार शुरू करने या नया व्यवसाय स्थापित करने के लिए महिलाओं को अधिकतम 2 लाख रुपए तक की परियोजना स्वीकृति दी जाती है। इस राशि का 75 प्रतिशत हिस्सा, यानी अधिकतम 1.5 लाख रुपए, उत्तराखंड सरकार सब्सिडी के रूप में प्रदान करती है। इससे महिलाओं को अपने व्यवसाय के लिए आवश्यक पूंजी जुटाने में मदद मिलती है।
धामी ने ट्वीट के माध्यम से भी इस योजना की जानकारी दी और बताया कि यह पहल महिलाओं को आर्थिक रूप से सशक्त बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी। उन्होंने कहा कि सरकार की यह योजना महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने और उन्हें सम्मान के साथ जीवन जीने का अवसर देने की प्रतिबद्धता को दर्शाती है।
महिलाओं के लिए स्वरोजगार की बढ़ती संभावनाएं
उत्तराखंड सरकार की यह योजना उन महिलाओं के लिए खास है जो अपने जीवन में आर्थिक स्वतंत्रता हासिल करना चाहती हैं। स्वरोजगार के लिए वित्तीय मदद मिलने से महिलाएं छोटे या मध्यम व्यवसाय शुरू कर सकती हैं, जिससे उनकी आय में वृद्धि होगी और वे अपने परिवार का सहारा बन सकेंगी।
इस योजना के तहत दी जा रही सहायता से महिलाओं को नए अवसर मिलेंगे और वे समाज में अपनी पहचान मजबूत कर पाएंगी। यह योजना न केवल आर्थिक सशक्तिकरण का जरिया है, बल्कि महिलाओं के आत्मसम्मान को बढ़ाने वाली भी साबित होगी।
स्रोत: hindi.webdunia.com


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