अमेरिका के जॉर्जिया राज्य के फोरसिथ काउंटी में 3 नवंबर को मिड टर्म चुनाव होने हैं, जहां भारतीय मूल की शुचिता पटेल डेमोक्रेटिक पार्टी के उम्मीदवार के रूप में काउंटी कमिश्नर पद के लिए चुनाव लड़ रही हैं। यह इलाका नस्लीय इतिहास और हिंसा के लिए जाना जाता है।
फोरसिथ काउंटी का नस्लीय इतिहास
फोरसिथ काउंटी का इतिहास नस्लीय हिंसा और नस्लवाद से जुड़ा हुआ है। 1912 में गोरे लोगों और कट्टरपंथी समूहों जैसे KKK ने काले लोगों को जबरदस्ती यहां से भगा दिया था। इसके बाद यह इलाका कई दशकों तक केवल गोरे लोगों का क्षेत्र बना रहा।
शुचिता पटेल का परिचय और उद्देश्य
शुचिता पटेल नॉर्थ जॉर्जिया की निवासी हैं और उनका जन्म डेट्रॉइट शहर में हुआ था। वह 1993 में नॉर्थ जॉर्जिया आईं और यहीं बस गईं। उनके तीन बच्चे हैं। शुचिता के माता-पिता भारत से हैं।
फाइनेंस क्षेत्र में 15 साल के अनुभव के साथ शुचिता FP&A, कंट्रोलरशिप और कंप्लायंस में माहिर हैं। उन्होंने अंतरराष्ट्रीय कंसल्टिंग फर्मों और स्थानीय व्यवसायों में काम किया है। वे बजट और सार्वजनिक निवेश की गहरी समझ रखती हैं और गलत प्रथाओं को पहचानने में सक्षम हैं।
शुचिता का मकसद फोरसिथ काउंटी में फैले डर को खत्म करना और प्रवासी भारतीय समुदाय की सुरक्षा के साथ बच्चों के लिए बेहतर और सुरक्षित समाज बनाना है। उनका कहना है कि यह चुनाव अभियान उनके लिए केवल एक राजनीतिक लड़ाई नहीं, बल्कि उनका घर बचाने की कोशिश है।
शुचिता का मूल मंत्र और चुनावी महत्व
शुचिता बताती हैं, “मैं उन प्रवासियों की पहली पीढ़ी की बेटी हूं, जिन्होंने मुझे सिखाया कि अगर आप दूसरों को अपने साथ लेकर नहीं चलते, तो आपकी सफलता का कोई खास मतलब नहीं है।” वह इस सोच के साथ एक मां, पड़ोसी और उम्मीदवार के रूप में आगे बढ़ रही हैं।
फोरसिथ काउंटी में वे पहली भारतीय-अमेरिकी महिला हैं जो चुनाव लड़ रही हैं। उनका मुकाबला 16 साल से इस क्षेत्र में बिना विरोध के जीतते आ रहे एक शक्तिशाली रिपब्लिकन नेता से है, जो लोगों पर दबाव बनाने में भी माहिर है।
स्रोत: tv9hindi.com


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