शनिवार रात जर्मनी के फ्रैंकफर्ट, बर्लिन, कोलोन और हैम्बर्ग में प्रदर्शन हिंसक हो गए, 27 पुलिसकर्मी घायल और सैंकड़ों गिरफ्तार हुए।
जर्मनी में युवा प्रदर्शनों के दौरान हिंसा
जर्मनी के वित्तीय केंद्र फ्रैंकफर्ट समेत बर्लिन, कोलोन और हैम्बर्ग में शनिवार देर रात प्रदर्शन हिंसक रूप ले गए। उपद्रवियों ने दुकानों में तोड़फोड़ की और लूटपाट की। पुलिस ने बताया कि प्रदर्शनकारियों ने इमरजेंसी सेवाओं के कर्मचारियों पर पत्थर, बोतलें और पटाखे फेंके, जिसके बाद उन्हें तितर-बितर करने के लिए वॉटर कैनन का इस्तेमाल किया गया। इस हिंसा में 27 पुलिसकर्मी घायल हुए जबकि सैकड़ों लोगों को हिरासत में लिया गया।
दिन में हजारों लोग ज्यादातर शांतिपूर्ण प्रदर्शन में शामिल थे। इन प्रदर्शनों का आयोजन कैंपेन ग्रुप ‘Gen Z रेगेल्ट’ ने किया था, जिसका मतलब है ‘Gen Z ने चार्ज लिया’। उनके मुद्दों में स्कूलों के लिए फंडिंग की कमी, बढ़ती जीवन-यापन की लागत, सरकारी खर्च में कटौती और अनिवार्य सैन्य सेवा का विरोध शामिल था।
फ्रांस और पुर्तगाल में भी विरोध जारी
जर्मनी में हुई हिंसा का सिलसिला फ्रांस में बड़े विरोध प्रदर्शनों के बाद शुरू हुआ, जहां शनिवार को 3.20 लाख से अधिक लोग महंगाई और शिक्षा क्षेत्र की खराब स्थिति के खिलाफ सड़कों पर उतरे। फ्रांस के गृह मंत्रालय के अनुसार, वहां 770 से ज्यादा लोग गिरफ्तार हुए।
इटली के रोम और ट्यूरिन में भी पुलिस और प्रदर्शनकारियों के बीच झड़पें हुईं। पुर्तगाल में पुलिस ने एक नए टेंट कैंप को हटाया, जो किराये के बिलों की बढ़ोतरी के विरोध में बनाया गया था। पिछले दस वर्षों में पुर्तगाल में घरों की कीमतें दोगुनी से अधिक हो चुकी हैं।
यूरोप के कई देशों में युवाओं के विरोध प्रदर्शन
फ्रांस, बेल्जियम, आयरलैंड, स्पेन, पुर्तगाल, इटली, ग्रीस, सर्बिया और अल्बानिया समेत अनेक यूरोपीय देशों में युवा प्रदर्शनकारियों ने सड़कों पर अपनी मांगें रखी हैं। इनमें रहने की बढ़ती लागत, किफायती आवास की कमी, शिक्षा की गुणवत्ता और सरकारी सेवाओं में कटौती प्रमुख मुद्दे हैं।
जर्मनी के गृह मंत्री की प्रतिक्रिया
रविवार को जर्मनी के गृह मंत्री अलेक्जेंडर डोब्रिंड्ट ने ‘बिल्ड’ अखबार से कहा कि पुलिस ने रात में हिंसा को उस स्तर पर रोक दिया, जैसा हाल ही में पेरिस में देखा गया था। उन्होंने दंगाइयों और लुटेरों के खिलाफ कड़ी सजा की मांग की।
फ्रैंकफर्ट में पुलिस ने मुख्य शॉपिंग स्ट्रीट को बंद कर दिया था और कई लोगों को गिरफ्तार किया गया। जर्मनी के विभिन्न शहरों में कुल 18,000 से अधिक प्रदर्शनकारी शामिल हुए।
Gen Z रेगेल्ट के बयान
‘Gen Z रेगेल्ट’ की प्रवक्ता लीना फ्रेडरिक ने कहा,
"ये प्रदर्शन शांति और आजादी के लिए थे, न कि युद्ध और जबरदस्ती के लिए।"
उन्होंने कहा कि स्वास्थ्य और शिक्षा व्यवस्था को बेहतर समर्थन देना सबसे जरूरी है। संगठन अनिवार्य सैन्य सेवा के खिलाफ है और चाहता है कि जिम्मेदारियों का बंटवारा निष्पक्ष तरीके से हो।
फ्रैंकफर्ट में हिंसक दंगे और गिरफ्तारी
शनिवार रात फ्रैंकफर्ट पुलिस ने बताया कि शहर के बीचोंबीच हिंसक दंगे हुए। कई दुकानों की खिड़कियां तोड़ी गईं और इमरजेंसी सेवाओं पर मोलोटोव कॉकटेल फेंके गए। एक गन शॉप की खिड़कियां भी टूट गईं, जिसके बाद एक संदिग्ध गिरफ्तार किया गया और उसके पास से दो हथियार जब्त किए गए।
हेस्से राज्य के गृह मंत्री रोमन पोसेक ने कहा कि करीब 100 वामपंथी चरमपंथी प्रदर्शन में शामिल थे। उन्होंने फ्रांस में हुई हिंसा का जिक्र करते हुए कहा कि लूटपाट और आगजनी जैसी घटनाओं को किसी भी हाल में उदाहरण नहीं माना जाना चाहिए। पुलिस के मुताबिक, रविवार रात तक फ्रैंकफर्ट में हालात शांत हो गए थे।
कोलोन, बर्लिन और हैम्बर्ग में हिंसा
कोलोन में मुख्य रेलवे स्टेशन के पास पुलिस पर हमला हुआ और बोतलें फेंकी गईं। बर्लिन में दिन के बड़े शांतिपूर्ण प्रदर्शन के बाद शाम को हुए एक छोटे प्रदर्शन के दौरान 27 पुलिस अधिकारी घायल हो गए और 56 लोगों को हिरासत में लिया गया। हैम्बर्ग में काले कपड़े पहने प्रदर्शनकारियों ने पटाखे जलाए और बैरिकेड्स में आग लगाई। यहां पुलिस ने 120 लोगों को गिरफ्तार किया।
स्रोत: tv9hindi.com


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