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मंगलवार, 27 अक्टूबर 2026
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उत्तराखंड में हिमालय के नीचे थ्रस्ट फॉल्ट लॉक, 8.1 तीव्रता का भूकंप आ सकता है?

उत्तराखंड में हिमालय के नीचे थ्रस्ट फॉल्ट लॉक है, जिससे 8.1 तीव्रता का बड़ा भूकंप आ सकता है, और 8 नई वेधशालाएं बनाई जाएंगी।

उत्तराखंड में हिमालय के नीचे थ्रस्ट फॉल्ट लॉक, 8.1 तीव्रता का भूकंप आ सकता है?

आईआईटी बॉम्बे, अमेरिका की यूनिवर्सिटी ऑफ न्यू मैक्सिको और सेंट्रल यूनिवर्सिटी ऑफ तमिलनाडु के वैज्ञानिकों की संयुक्त स्टडी से पता चला है कि हिमालय के नीचे मुख्य हिमालयी थ्रस्ट का बड़ा हिस्सा अवरुद्ध है, जिससे तनाव लगातार बढ़ रहा है और 8.1 तीव्रता का बड़ा भूकंप आ सकता है।

हर साल 18 मिलीमीटर का खिसकाव-अंतर

तमिलनाडु केंद्रीय विश्वविद्यालय के शोधकर्ता दिब्यशक्ति पांडा और उनकी टीम ने उपग्रह स्थिति निर्धारण प्रणाली और रडार उपग्रह से प्राप्त आंकड़ों का विश्लेषण किया। इस अध्ययन में मुख्य हिमालयी थ्रस्ट पर हर साल लगभग 18 मिलीमीटर का खिसकाव-अंतर पाया गया, यानी प्लेटों की अपेक्षित गति के मुकाबले वास्तविक खिसकाव कम है। यह संकेत देता है कि प्लेटें आपस में फंसी हुई हैं और तनाव जमा हो रहा है।

115 किलोमीटर चौड़ा क्षेत्र थमा हुआ है

शोध के अनुसार, मुख्य हिमालयी थ्रस्ट लगभग 115 किलोमीटर चौड़ा क्षेत्र अवरुद्ध है। उपग्रह रडार आंकड़ों से प्रति वर्ष जमीन का 4 से 6 मिलीमीटर तक ऊर्ध्वाधर उठाव भी दर्ज किया गया। इन आंकड़ों के आधार पर भूगर्भीय मॉडल बनाए गए, जिनसे पता चला कि उत्तराखंड हिमालय के नीचे प्लेटों के बीच मजबूत जुड़ाव और तनाव जमा हो रहा है।

अध्ययन में जमा हुई भूकंपीय ऊर्जा की तुलना हर 100 साल में 8.1 तीव्रता के बड़े भूकंप से की गई है, लेकिन यह अनुमान है और भूकंप के आने का समय निर्धारित नहीं किया गया है।

पहाड़ी इलाकों की इमारतें चिंता का कारण

वैज्ञानिकों ने स्पष्ट किया है कि वे अगले बड़े भूकंप का समय या निश्चित तीव्रता नहीं बता सकते। उन्होंने यह भी चेतावनी दी है कि उत्तराखंड के पहाड़ी ढलानों पर लगातार बढ़ती इमारतें और बिल्डिंग कोड का पालन न होना खतरे को बढ़ाता है।

मैदानी इलाकों पर भी असर पड़ सकता है

शोधकर्ता यह भी बता रहे हैं कि इंडो-गंगेटिक प्लेन के मैदानी इलाके, जहां भारत की करीब 40 प्रतिशत आबादी रहती है, भूकंप से बुरी तरह प्रभावित हो सकते हैं। दिल्ली, लखनऊ, कानपुर, पटना जैसे बड़े शहर इसी क्षेत्र में आते हैं। यहां भूकंप से होने वाला नुकसान बहुत बड़ा हो सकता है।

भूकंप निगरानी के लिए 8 नई वेधशालाएं

उत्तराखंड में भूकंप की निगरानी को मजबूत करने के लिए अब राज्य में 8 नई वेधशालाएं बनाई जाएंगी। इन वेधशालाओं से भूकंप का समय पर पता चल सकेगा और आपदा प्रबंधन तंत्र को भी मजबूत किया जा सकेगा। राज्य सरकार ने इसके लिए 8 स्थानों का चयन कर राष्ट्रीय भूकंप विज्ञान केंद्र को प्रस्ताव भेज दिया है।

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