यूपी एटीएस ने कानपुर के अंकित को गिरफ्तार किया है, जो फर्जी ई-मेल आईडी बनाने और बेचने के मामले में आरोपी है। इस मामले में दिल्ली-एनसीआर में सिंगर दिलजीत दोसांझ के शो को बम धमकी देने समेत कई धमकियां भेजी गईं। आरोपी पाकिस्तान, बांग्लादेश और अन्य देशों के ग्राहकों को ई-मेल आईडी बेचता था और क्रिप्टोकरेंसी में भुगतान लेता था।
मुख्य तथ्य
- अंकित ने 2021 से फर्जी ई-मेल आईडी बनाई और बेची।
- पाकिस्तान, बांग्लादेश, तुर्किये, मिस्र के लोग इस नेटवर्क से जुड़े।
- दिलजीत दोसांझ के शो और बॉलीवुड अभिनेता के घर को धमकी मिली।
- गिरफ्तार आरोपी के पास से 5 लाख फर्जी ई-मेल आईडी मिली।
- क्रिप्टोकरेंसी में भुगतान का पता चला, जांच जारी है।
पाकिस्तान समेत विदेशों से जुड़े नेटवर्क की जांच
यूपी एटीएस के अनुसार अंकित वर्ष 2021 से फर्जी ई-मेल आईडी बना रहा था। उसने वाई-फाई और प्रॉक्सी नेटवर्क के जरिए अपनी पहचान छिपाई। वह फेसबुक के ग्रुप्स में ये आईडी बेचता था। जांच में पता चला कि यह नेटवर्क पाकिस्तान, बांग्लादेश, तुर्किये, मिस्र और अन्य देशों के लोगों से जुड़ा है। आरोपी के मोबाइल में विदेशों के नंबरों से व्हाट्सऐप संपर्क और यूएसडीटी क्रिप्टोकरेंसी के लेन-देन के सबूत मिले हैं।
धमकियों में स्कूल, दिलजीत दोसांझ और बॉलीवुड अभिनेता शामिल
अंकित के लैपटॉप और मोबाइल में मिली फर्जी ई-मेल आईडी से नोएडा, दिल्ली और गुरुग्राम के स्कूलों को धमकी भरे संदेश भेजे गए थे। इन संदेशों में खालिस्तान नेशनल आर्मी और बब्बर खालसा के नाम से धमकियां दी गईं। इसके अलावा पंजाबी गायक दिलजीत दोसांझ के दिल्ली-एनसीआर में होने वाले शो और एक बॉलीवुड अभिनेता के घर पर बम धमाके की धमकी भी शामिल थी।
23 अक्टूबर 2026 को मुंबई के मेयर कार्यालय को भेजी गई बम धमकी में इस्तेमाल एक अन्य फर्जी ई-मेल आईडी भी आरोपी के पास मिली है। 12 अक्टूबर को नोएडा के स्कूलों को भेजे गए धमकी भरे ई-मेल का भी पता चला है।
5 लाख फर्जी ई-मेल आईडी बरामद
अंकित के लैपटॉप से एक्सेल फाइल में लगभग 5 लाख फर्जी ई-मेल आईडी मिली हैं। इनके साथ पासवर्ड, रिकवरी ई-मेल और टू-फैक्टर ऑथेंटिकेशन की जानकारी भी थी। यह आंकड़ा जांच की गंभीरता को दर्शाता है।
क्रिप्टोकरेंसी से भुगतान और आगे की कार्रवाई
एटीएस ने बताया कि आरोपी फर्जी ई-मेल आईडी बेचने के बदले बाइनेंस क्रिप्टो वॉलेट से भुगतान लेता था। खासतौर से बांग्लादेशी नागरिक अलामीन इस्लाम को भी उसने ई-मेल आईडी दी थी और 6 हजार यूएसडीटी प्राप्त किए थे। इस मामले में लखनऊ एटीएस ने मुकदमा दर्ज किया है। आरोपी को न्यायालय के सामने पेश कर पुलिस कस्टडी रिमांड मांगी जा रही है ताकि पूरे नेटवर्क का पता लगाया जा सके।
स्रोत: hindi.webdunia.com


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