मध्य प्रदेश के नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार ने भाजपा सरकार पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा है कि सरकार निवेश के नाम पर केवल विज्ञापनों की सरकार बन गई है और विकास कहीं नजर नहीं आता। उन्होंने शहरों के मास्टर प्लान में घोटाले का भी आरोप लगाया है।
भोपाल मास्टर प्लान विवाद
भोपाल के मास्टर प्लान को लेकर भाजपा सरकार और कांग्रेस आमने सामने हैं। भाजपा इसे शहर के विकास का जरिया बता रही है जबकि कांग्रेस का आरोप है कि मास्टर प्लान-2047 किसानों की खेती, रहवासियों के आशियानों और पर्यावरण पर संकट डाल रहा है। उमंग सिंघार ने कहा कि किसानों और रहवासियों की आपत्तियों को नजरअंदाज किया जा रहा है।
आम जनता की चिंता और विरोध
सिंघार ने बताया कि मुगालिया छाप के किसान अपनी कृषि भूमि बचाने के लिए सड़क पर उतरने को मजबूर हैं और मिसरोद के रहवासी प्रस्तावित 45 मीटर चौड़ी सड़क का विरोध कर रहे हैं। लगभग 2,000 आपत्तियां इस बात का प्रमाण हैं कि मास्टर प्लान ड्राफ्ट जनता की चिंताओं को नहीं समझता।
सरकार पर भ्रष्टाचार और विकास के नाम पर बलि का आरोप
उमंग सिंघार ने कहा कि मुख्यमंत्री विकास के नाम पर किसानों की आजीविका, पुराने आशियानों, सार्वजनिक संस्थानों और पर्यावरण की बलि दे रहे हैं। भोपाल के लोग अपने घरों और संपत्ति से बेदखल होकर अपनी लड़ाई लड़ने को मजबूर हैं। उन्होंने यह भी कहा कि नगर निकाय में भ्रष्टाचार सरकार कर रही है और मुख्यमंत्री इस पर रोक नहीं लगा रहे।
निवेश के आंकड़ों पर सवाल
सिंघार ने भाजपा सरकार के निवेश के आंकड़ों पर सवाल उठाते हुए कहा कि यह केवल प्रचार और विज्ञापनों तक सीमित रह गया है। मुख्यमंत्री के दौरे के बाद शहर में प्रचार-प्रसार बढ़ जाता है, लेकिन वास्तविक विकास नहीं होता। उन्होंने बताया कि मध्यप्रदेश का युवा बेरोजगारी से जूझ रहा है और रोजगार के अवसरों का इंतजार कर रहा है।


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