अमेरिका में 2022 के मिडटर्म चुनावों में रिपब्लिकन पार्टी को हार का सामना करना पड़ा है। डेमोक्रेटिक पार्टी ने हाउस ऑफ रिप्रेजेंटेटिव्स और सीनेट दोनों में बहुमत हासिल किया है। इस स्थिति में राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के खिलाफ महाभियोग प्रस्ताव लाने की चर्चा शुरू हो गई है।
ट्रंप पर पहले भी लगे थे महाभियोग के दो प्रस्ताव
राष्ट्रपति ट्रंप के खिलाफ अब तक दो बार महाभियोग प्रस्ताव लाया जा चुका है। पहली बार 2019 में, जब हाउस ऑफ रिप्रेजेंटेटिव्स ने उन पर सत्ता के दुरुपयोग और कांग्रेस की जांच में बाधा डालने के आरोपों को मंजूरी दी थी। हालांकि, 2020 में सीनेट ने ट्रंप को दोनों आरोपों से बरी कर दिया।
दूसरी बार 2021 में लाया गया महाभियोग प्रस्ताव
दूसरी बार ट्रंप के खिलाफ महाभियोग 2021 में 6 जनवरी को हुए कैपिटल दंगों के बाद लाया गया था। इस बार उन पर विद्रोह भड़काने का आरोप था। फरवरी 2021 में सीनेट ट्रायल शुरू हुआ, जिसमें 57 सीनेटर ट्रंप के खिलाफ वोटिंग की, लेकिन 67 वोटों की जरूरत होने के कारण वे बरी कर दिए गए।
महाभियोग प्रक्रिया कैसे होती है?
अमेरिकी संविधान के अनुसार, हाउस ऑफ रिप्रेजेंटेटिव्स को महाभियोग लाने का अधिकार है। इस प्रक्रिया की शुरुआत हाउस की ज्यूडिशियरी कमेटी जैसी कमेटी जांच करके करती है। महाभियोग के लिए आरोप देशद्रोह, रिश्वत, या बड़े अपराधों में से होने चाहिए। हाउस में किसी भी एक आरोप पर साधारण बहुमत से महाभियोग प्रस्ताव पारित हो सकता है। इसके बाद मामला सीनेट में ट्रायल के लिए जाता है, जहां सुप्रीम कोर्ट के चीफ जस्टिस ट्रायल की अध्यक्षता करते हैं। दोषी ठहराने के लिए 67 सीनेटरों के वोट जरूरी होते हैं।
क्या ट्रंप को पद से हटाया जा सकता है?
डेमोक्रेटिक पार्टी ने हाउस में बहुमत हासिल कर लिया है, इसलिए वे महाभियोग प्रस्ताव ला सकते हैं। लेकिन सीनेट में 67 वोटों की जरूरत होती है और डेमोक्रेटिक पार्टी के पास अभी केवल 54 सीटें हैं। फिलहाल दो सीटों पर परिणाम आना बाकी है। इसलिए ट्रंप को पद से हटाना फिलहाल संभव नहीं दिखता।
पाठकों के लिए दो सवाल
- क्या ट्रंप पर तीसरी बार महाभियोग लाया जा सकता है?
हाँ, हाउस में बहुमत के कारण महाभियोग प्रस्ताव लाना संभव है, लेकिन सीनेट में उन्हें दोषी ठहराना मुश्किल है। - महाभियोग प्रक्रिया में क्या होता है?
हाउस में जांच के बाद बहुमत से प्रस्ताव पारित होता है, फिर ट्रायल के लिए मामला सीनेट में जाता है, जहां 67 वोट से दोषी ठहराया जाता है।
मुख्य तथ्य
- डेमोक्रेटिक पार्टी ने 2022 के मिडटर्म चुनाव में हाउस और सीनेट में बहुमत पाया।
- ट्रंप पर पहले दो बार महाभियोग प्रस्ताव लाया जा चुका है, दोनों बार वे बरी हुए।
- महाभियोग प्रक्रिया में हाउस की जांच और सीनेट में ट्रायल शामिल है।
- सीनेट में 67 वोटों की आवश्यकता के कारण ट्रंप को पद से हटाना फिलहाल संभव नहीं।
स्रोत: tv9hindi.com


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