बलूच लिबरेशन आर्मी (BLA) के पूर्व कमांडर-इन-चीफ बशीर ज़ेब बलूच ने 3 नवंबर को अपने पद से इस्तीफा दे दिया। संगठन ने बताया कि अब उनकी जिम्मेदारियां सीनियर कमांड काउंसिल संभालेगी। इस बीच सोशल मीडिया पर बशीर ज़ेब को कंधार में जहर दिए जाने और भारत में इलाज के लिए लाए जाने की चर्चाएं भी सामने आईं, लेकिन इन दावों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हो पाई है।
BLA में नेतृत्व परिवर्तन
'द बलूचिस्तान पोस्ट' (TBP) की रिपोर्ट के अनुसार, BLA के प्रवक्ता जियांद बलूच ने 3 नवंबर को बताया कि 16 अक्टूबर को संगठन की शीर्ष इकाइयों की संयुक्त बैठक हुई थी। इस बैठक में नेतृत्व परिवर्तन का फैसला लिया गया।
- पहली बार शांतिपूर्ण बदलाव: BLA का कहना है कि यह नेतृत्व हस्तांतरण बिना किसी आंतरिक कलह या विभाजन के हुआ, जो किसी बलूच सशस्त्र संगठन के इतिहास में पहली बार है।
- वंशवाद और आजीवन पद पर रोक: यह बदलाव 2018 में मारे गए असलम बलूच द्वारा तय सिद्धांतों पर आधारित है, जिसका मकसद वंशवादी राजनीति और आजीवन पदों को खत्म करना है।
बशीर ज़ेब पर जहर देने के दावे
- कुछ सोशल मीडिया पोस्ट और ऑनलाइन रिपोर्ट्स में आरोप लगाए गए कि बशीर ज़ेब को कंधार के अस्पताल में भर्ती कराना पड़ा, क्योंकि उनके करीबी ने कथित रूप से उन्हें जहर दिया।
- इन दावों में कहा गया कि वे गंभीर हालत में कोमा में हैं।
- कुछ रिपोर्ट्स में बताया गया कि उन्हें बेहतर इलाज के लिए भारत लाया जा रहा है, हालांकि इन बातों की कोई स्वतंत्र पुष्टि उपलब्ध नहीं है। उनकी वर्तमान स्वास्थ्य स्थिति और स्थान भी स्पष्ट नहीं है।
आगामी नए कमांडर की घोषणा
- नुश्की के रहने वाले बशीर ज़ेब ने दिसंबर 2018 में मारे गए असलम बलूच की जगह BLA की कमान संभाली थी।
- अब उनका इस्तीफा देने के बाद संगठन की सर्वोच्च शासी निकाय इस प्रक्रिया की देखरेख कर रही है।
- जल्द नाम का ऐलान: चयन प्रक्रिया पूरी होने के बाद नए कमांडर-इन-चीफ का नाम घोषित किया जाएगा, लेकिन तारीख अभी तय नहीं है।
सैन्य अभियानों पर कोई असर नहीं
- BLA के प्रवक्ता ने कहा कि नेतृत्व परिवर्तन से संगठन की सैन्य रणनीति, फील्ड ऑपरेशन या कमांड व्यवस्था में कोई बदलाव नहीं होगा।
- उन्होंने दावा किया कि सभी मोर्चों पर अभियान पहले की तरह जारी रहेंगे।
- संगठन ने अभी बशीर ज़ेब के पद छोड़ने की विस्तृत वजह सार्वजनिक नहीं की है।
- यह जानकारी 'द बलूचिस्तान पोस्ट' और ANI ने दी है।
यह नेतृत्व परिवर्तन BLA के लिए एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है, क्योंकि यह संगठन के भीतर नेतृत्व की परंपरागत प्रथाओं में बदलाव को दर्शाता है। बशीर ज़ेब की स्वास्थ्य से जुड़ी खबरों को लेकर अभी भी स्पष्टता का अभाव है और उनकी स्थिति पर निगरानी जारी है।
स्रोत: hindi.asianetnews.com


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