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शुक्रवार, 6 नवंबर 2026
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लीमा एयरपोर्ट पर 3000 टारेंटुला तस्करी करने वाले गिरफ्तार

लीमा एयरपोर्ट पर तीन लोगों के सूटकेस से 3000 टारेंटुला मकड़ियां बरामद, तस्करों को गिरफ्तार किया गया।

लीमा एयरपोर्ट पर 3000 टारेंटुला तस्करी करने वाले गिरफ्तार

पेरू की राजधानी लीमा के जॉर्ज शावेज अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे पर 3 नवंबर को तीन लोगों के पास से 3000 जिंदा टारेंटुला मकड़ियां बरामद की गईं। ये मकड़ियां सूटकेस में छिपाकर जर्मनी ले जाई जा रही थीं।

क्या हुआ लीमा एयरपोर्ट पर?

लीमा के जॉर्ज शावेज एयरपोर्ट पर पेरू के वन और वन्यजीव विभाग (SERFOR) और पर्यावरण अपराध पुलिस की टीम ने सूचना के आधार पर तीन यात्रियों के सूटकेस की जांच की। जांच के दौरान सूटकेस में हलचल देख अधिकारियों ने सूटकेस खोला। अंदर गंदे मोजों में प्लास्टिक के डिब्बों में 3000 टारेंटुला छिपाए गए थे।

कैसे छिपाए गए थे टारेंटुला?

तीन सूटकेस में 15 से 22 गंदे मोजे रखे हुए थे, जिनके अंदर टारेंटुला मकड़ियां थीं। इनमें अंडे, छोटे बच्चे और बड़े टारेंटुला शामिल थे। कुछ अमेजन के बड़े टारेंटुला भी थे, जिनमें से एक प्रजाति खतरे में मानी जाती है और जिसका पकड़ना या बेचना गैरकानूनी है।

कौन थे गिरफ्तार?

पकड़े गए तीन लोगों में दो जर्मन नागरिक और एक पोलिश नागरिक थे। तीनों को मौके पर गिरफ्तार कर लिया गया और इनके खिलाफ आपराधिक मामला दर्ज हुआ। पेरू के कानून के अनुसार दोषी पाए जाने पर इन्हें तीन से सात साल की जेल हो सकती है।

मकड़ियों की तस्करी क्यों?

SERFOR की अधिकारी कोरा सुआरेज ने बताया कि यूरोप में एक टारेंटुला की कीमत लगभग 500 यूरो है, जो करीब 50 हजार रुपए के बराबर होती है। शौकीन, कलेक्टर और शोधकर्ता इन्हें खरीदते हैं। 3000 टारेंटुला का यह सौदा करोड़ों रुपये का हो सकता था।

पकड़े गए टारेंटुला का क्या होगा?

सभी टारेंटुला को SERFOR ने अपने कब्जे में ले लिया है और उनकी देखभाल की जा रही है। जांच पूरी होने के बाद इन्हें उनके प्राकृतिक आवास में वापस छोड़ा जाएगा।

क्या पहले भी ऐसे मामले हुए हैं?

इससे पहले अगस्त 2026 में टोक्यो के हानेडा एयरपोर्ट पर एक व्यक्ति को 22 जोड़ी मोजों में 200 छिपकलियां छिपाकर ले जाने के प्रयास में पकड़ा गया था। इसका मतलब है कि जंगली जानवरों की तस्करी एक अंतरराष्ट्रीय समस्या बनी हुई है।

तस्करी की सूचना कैसे मिली?

पेरू के वन्यजीव विभाग SERFOR को एक गुमनाम सूचना मिली थी, जिसके बाद उन्होंने अलर्ट प्लेटफॉर्म Alerta Serfor के जरिए कार्रवाई की। इस जानकारी के कारण ही एयरपोर्ट पर तस्करों पर नजर रखी गई।

टारेंटुला तस्करी का मतलब क्या है?

टारेंटुला मकड़ियों की तस्करी में शामिल जानवरों की सुरक्षा खतरे में पड़ जाती है। यह गैरकानूनी व्यापार जीव विविधता को नुकसान पहुंचाता है और प्राकृतिक आवासों को प्रभावित करता है। इसलिए पेरू जैसे देशों में वन्यजीव संरक्षण कानून कड़ाई से लागू हैं।

मुख्य तथ्य

  • लीमा एयरपोर्ट पर 3 नवंबर को 3000 टारेंटुला मकड़ियां पकड़ी गईं।
  • दो जर्मन और एक पोलिश नागरिक तस्करी में शामिल थे।
  • एक टारेंटुला की कीमत लगभग 500 यूरो है, जिससे करोड़ों का सौदा होता।
  • टारेंटुला को वन्यजीव विभाग ने अपने कब्जे में लिया है और बाद में जंगल में छोड़ा जाएगा।

स्रोत: tv9hindi.com

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