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मंगलवार, 27 अक्टूबर 2026
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जीभ और दिल का कनेक्शन: जानें खराब ओरल हेल्थ के खतरे

जीभ और दिल के बीच अप्रत्यक्ष कनेक्शन है, खराब ओरल हेल्थ से दिल की गंभीर बीमारियां हो सकती हैं।

जीभ और दिल का कनेक्शन: जानें खराब ओरल हेल्थ के खतरे

दिल की बीमारियां केवल बुजुर्गों तक सीमित नहीं हैं, बल्कि युवा भी हार्ट प्रॉब्लम से प्रभावित हो रहे हैं। खराब ओरल हेल्थ सिर्फ दांतों और मसूड़ों को नुकसान नहीं पहुंचाती, बल्कि यह दिल के लिए भी गंभीर खतरा बन सकती है। मुंह के संक्रमण का असर सीधे दिल तक पहुंच सकता है। इस लेख में जानिए कि जीभ और दिल के बीच क्या संबंध है और ओरल हेल्थ का दिल पर क्या प्रभाव पड़ता है।

जीभ और दिल में कनेक्शन

हार्ट अटैक के लक्षण दिखने पर कई बार जीभ के नीचे टेबलेट रखने की सलाह दी जाती है, लेकिन जीभ की नसों का दिल से कोई सीधा संबंध नहीं होता। जीभ की मांसपेशियों में वेगस नर्व का एक छोटा हिस्सा होता है, जो मस्तिष्क से शुरू होकर गर्दन, दिल और पाचन तंत्र तक फैली होती है। हालांकि, संक्रमण का फैलना ब्लड स्ट्रीम के जरिए होता है, जिससे बैक्टीरिया दिल की अंदरूनी परत या वाल्व तक पहुंच सकते हैं।

खराब ओरल हेल्थ का दिल पर प्रभाव

नवजीवन हॉस्पिटल के डायरेक्टर, डॉक्टर प्रवीन कुमार बताते हैं कि जीभ का दिल से कनेक्शन हो सकता है। ओरल इंफेक्शन रक्त प्रवाह के माध्यम से दिल तक पहुंचकर हृदय के वाल्व को नुकसान पहुंचा सकता है। इसलिए ओरल हेल्थ का सही ध्यान रखना अत्यंत आवश्यक है।

दिल पर असर कैसे पड़ता है?

हेल्थलाइन में प्रकाशित एक अध्ययन के अनुसार, जीभ पर मौजूद सूक्ष्मजीवों और दिल के स्वास्थ्य के बीच संबंध पाया गया है। एक अन्य अध्ययन में कंजेस्टिव हार्ट फेलियर (CHF) से पीड़ित व्यक्तियों की जीभ पर मौजूद माइक्रोब्स की संरचना स्वस्थ लोगों से भिन्न पाई गई।

ओरल हेल्थ का ध्यान कैसे रखें?

  • दिन में दो बार कम से कम 2 मिनट तक दांत ब्रश करें।
  • दांतों के साथ जीभ को भी साफ करें, जिससे बैक्टीरिया हट सकें।
  • फ्लॉसिंग रोजाना करें ताकि दांतों के बीच फंसे कण निकल जाएं।
  • एंटीबैक्टीरियल माउथवॉश का इस्तेमाल करें।
  • हर तीन महीने में ब्रश बदलें या जब ब्रिसल्स खराब हों तो जल्दी बदल दें।
  • साल में 2-3 बार डेंटिस्ट से चेकअप कराएं।
  • मुंह से बदबू, दांतों में प्लाक, कैविटी, मसूड़ों में दर्द या सूजन जैसी समस्याएं हों तो डॉक्टर से संपर्क करें।
  • मसूड़ों से खून आना, मुंह में घाव या छाले दो हफ्ते से ज्यादा ठीक न हों तो तुरंत चिकित्सक को दिखाएं।
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