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मंगलवार, 27 अक्टूबर 2026
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रविशंकर प्रसाद ने राहुल गांधी की 1 नवंबर रैली पर उठाए सवाल, सिख दंगों से जोड़ा

रविशंकर प्रसाद ने राहुल गांधी की 1 नवंबर रैली को सिख दंगों से जोड़कर आलोचना की, तारीख पर असंतोष जताया और बाहरी ताकतों का प्रभाव बताया।

रविशंकर प्रसाद ने राहुल गांधी की 1 नवंबर रैली पर उठाए सवाल, सिख दंगों से जोड़ा

पूर्व केंद्रीय मंत्री रविशंकर प्रसाद ने राहुल गांधी की 1 नवंबर को दिल्ली में होने वाली रैली को सिख दंगों से जोड़कर इसकी तीखी आलोचना की है। उन्होंने इस तारीख को लेकर गंभीर सवाल उठाए और कहा कि यह दिन सिख समुदाय के लिए बहुत भावुक है क्योंकि इसी दिन 1984 में सिखों पर दंगे हुए थे।

रैली की तारीख पर गंभीर सवाल

रविशंकर प्रसाद ने कहा, "राहुल गांधी को 1 नवंबर को दिल्ली में रैली करने की ऐसी क्या जिद है? यह दिन सिखों की भावनाओं से जुड़ा हुआ है, जब 1984 में कत्लेआम हुआ था और वे इसे बहुत भावुकता से याद करते हैं।" उन्होंने पूछा कि राहुल गांधी क्या इस रैली के जरिए सिखों के घाव पर नमक छिड़कना चाहते हैं।

गठबंधन में असंतोष की खबरें

उन्होंने आगे कहा कि राहुल गांधी के गठबंधन में कई लोग इस तारीख से संतुष्ट नहीं थे और उन्हें सुझाव दिया गया था कि रैली की तारीख आगे बढ़ाई जाए। लेकिन राहुल गांधी ने अपनी जिद पर अड़कर इसे 1 नवंबर पर ही आयोजित करने का फैसला किया। रविशंकर प्रसाद ने इसे राहुल गांधी की सोच-समझी रणनीति बताया, जिसमें सिखों की भावनाओं को ठेस पहुंचाने का प्रयास किया जा रहा है।

बाहरी ताकतों के प्रभाव का आरोप

रविशंकर प्रसाद ने आरोप लगाया कि राहुल गांधी बाहरी ताकतों के प्रभाव में आकर भारत को अस्थिर करने और लोकतंत्र को बदनाम करने का प्रयास कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि इस तरह के कदम देश के लिए हानिकारक हैं और इसे आगे नहीं बढ़ाया जाएगा।

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