झारखंड हाईकोर्ट में आज से राष्ट्रीय जनता दल के अध्यक्ष लालू प्रसाद यादव की चारा घोटाला मामले में अपील याचिका पर नियमित सुनवाई शुरू हो गई है। देवघर कोषागार से अवैध निकासी से जुड़े इस मामले में कोर्ट अब रोजाना सुनवाई करेगा। लंबे समय से लंबित इस अपील की सुनवाई पर सभी की निगाहें टिकी हैं।
सुनवाई की प्रक्रिया और रिकॉर्ड की चुनौती
कोर्ट ने सुनवाई के दौरान पाया कि निचली अदालत का रिकॉर्ड काफी विशाल है, जिसके कारण उसकी हार्ड कॉपी सभी पक्षों को उपलब्ध कराना संभव नहीं है। इसी चुनौती को ध्यान में रखते हुए अदालत ने अपील पर नियमित सुनवाई की व्यवस्था की है।
मामले की पृष्ठभूमि
यह मामला देवघर कोषागार से कथित तौर पर अवैध तरीके से सरकारी राशि निकालने से संबंधित है। इस मामले में सीबीआई की विशेष अदालत ने लालू यादव को दोषी ठहराते हुए साढ़े तीन साल का कारावास सुनाया था। निचली अदालत के फैसले को चुनौती देते हुए लालू यादव ने झारखंड हाईकोर्ट का रुख किया था।
सुनवाई की वर्तमान स्थिति
झारखंड हाईकोर्ट की जज अनुभा रावत चौधरी की बेंच ने सोमवार को मामले में आंशिक सुनवाई की थी। अदालत ने स्पष्ट किया कि चारा घोटाले के आरसी 64ए/1996 मामले में अपील पर मंगलवार से रोजाना सुनवाई होगी। यह अपील सीबीआई की स्पेशल कोर्ट द्वारा सुनाई गई सजा के खिलाफ दायर की गई थी।
अधिवक्ताओं की दलील और पेपर बुक की जरूरत
पिछली सुनवाई में लालू यादव के वकीलों और सीबीआई के पक्ष ने संयुक्त रूप से अदालत के सामने दलीलें पेश की थीं। दोनों पक्षों ने कहा था कि अंतिम बहस शुरू करने से पहले पेपर बुक तैयार करना जरूरी है। पेपर बुक में मुकदमे से जुड़े महत्वपूर्ण दस्तावेज व्यवस्थित किए जाते हैं ताकि सुनवाई के दौरान आसानी से देखा जा सके।
भविष्य की उम्मीदें
हाईकोर्ट ने लालू यादव को पहले ही जमानत दे दी है। अब रोजाना सुनवाई शुरू होने से मामले की न्यायिक प्रक्रिया आगे बढ़ने की उम्मीद है। हालांकि, सुनवाई के परिणाम को लेकर अभी कोई निष्कर्ष निकालना जल्दबाजी होगी।


टिप्पणियाँ
इस खबर पर सबसे पहले अपनी टिप्पणी करें।