हरियाणा में भाजपा का बड़ा शक्ति प्रदर्शन
हरियाणा भाजपा अध्यक्ष अर्चना गुप्ता ने बताया कि केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह 5 नवंबर को करनाल में आयोजित "लोकतंत्र बचाओ, अराजकता हटाओ" पदयात्रा में शामिल होंगे। यह पदयात्रा भाजपा के बड़े अभियान का हिस्सा है, जिसमें पार्टी लोकतंत्र और चुनावी प्रक्रिया की रक्षा के लिए जनता के बीच जाएगी।
कांग्रेस पर निशाना
अर्चना गुप्ता ने कांग्रेस की 1 नवंबर को दिल्ली में प्रस्तावित रैली पर कड़ी टिप्पणी करते हुए कहा कि कांग्रेस का इतिहास लोकतांत्रिक संस्थाओं को कमजोर करने का रहा है। उन्होंने आरोप लगाया कि कांग्रेस जनता को भ्रमित करने की कोशिश कर रही है, जबकि भाजपा पूरे राज्य में सच और तथ्य पहुंचाने का अभियान चला रही है।
उन्होंने कहा कि राहुल गांधी, इंडिया गठबंधन, कांग्रेस और सीजेपी के लोग रोज झूठ फैलाकर वोटर सूची और एसआईआर के विषय पर भ्रम पैदा कर रहे हैं। एसआईआर देश में बारहवीं बार हो रहा है, जिसमें से दस बार कांग्रेस के शासनकाल में हुआ है।
वोटर सूची में सुधार और पारदर्शिता
अर्चना गुप्ता ने बताया कि लगभग 13 करोड़ वोटर ड्राफ्ट सूची से कट चुके हैं। इसमें 3 करोड़ मृत व्यक्ति, 6 करोड़ स्थायी रूप से स्थानांतरित और 1 करोड़ डुप्लीकेट वोटर शामिल हैं। इसके अलावा 3 करोड़ लोग अनट्रेसेबल हैं। उन्होंने बताया कि अगर किसी की वोट कटने की संभावना हो तो वह फॉर्म-6 भरकर अपनी वोटर सूची को ठीक कर सकता है।
पद यात्रा और अमित शाह की उपस्थिति
भाजपा के इस पारदर्शी प्रयास के बावजूद कांग्रेस देश में अराजकता फैलाने की कोशिश कर रही है। अर्चना गुप्ता ने कहा कि कांग्रेस भारत को अस्थिर करने की कोशिश कर रही है, लेकिन जनता इसके मंसूबों को कामयाब नहीं होने देगी।
5 नवंबर को करनाल में सुबह 10 बजे एक बड़ी पदयात्रा आयोजित की जाएगी, जिसमें केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह भी शामिल होंगे। पदयात्रा सेक्टर-12 के मार्केट ग्राउंड से शुरू होकर महात्मा गांधी की प्रतिमा तक जाएगी। मार्ग का निरीक्षण किया जाएगा।
नेता प्रतिपक्ष और राष्ट्र की एकता
अर्चना गुप्ता ने कहा कि कांग्रेस आज सत्ता से बाहर हो चुकी है और जहां भी चुनाव लड़ती है, वहां हारती है। उन्होंने विपक्षी नेताओं पर आरोप लगाया कि वे देश की आलोचना करते हुए भाजपा और देश दोनों का अपमान कर रहे हैं।
उनका कहना था कि नेता प्रतिपक्ष की जिम्मेदारी है कि वे देश की एकता और अखंडता को सर्वोपरि रखें। राजनीतिक पार्टियां आती-जाती रहेंगी, लेकिन राष्ट्र हमेशा सर्वोपरि रहेगा। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पिछले 12 वर्षों से इसी भावना से काम कर रहे हैं, जबकि विपक्ष के लिए सत्ता प्राथमिकता है, राष्ट्र नहीं।


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