दिल्ली में सर्दी बढ़ने लगी है और तापमान में बदलाव से कई लोगों को सर्दी, खांसी और गले में खराश जैसे लक्षण दिखाई देने लगे हैं। मेडफर्स्ट ईएनटी सेंटर के सलाहकार डॉ. (मेजर) राजेश भारद्वाज के अनुसार, सर्दियों में कुछ आदतें स्वास्थ्य के लिए खतरनाक हो सकती हैं, जिनसे बचना जरूरी है।
मुख्य तथ्य
- सर्दी में उचित कपड़े न पहनना संक्रमण का खतरा बढ़ाता है।
- कम पानी पीने से गले की झिल्ली सूख सकती है।
- हाथों की सफाई न करना वायरस फैलने का कारण बनता है।
- कमरों में ताजी हवा का प्रवेश जरूरी है।
- स्वयं से दवा लेने से सावधानी बरतनी चाहिए।
सर्दियों में बचने वाली 7 गलत आदतें
डॉ. राजेश भारद्वाज ने बताया कि सुबह और रात को बाहर जाते समय मौसम के अनुसार कई परतें वाले गर्म कपड़े पहनना जरूरी है। सर्दियों में लोगों को प्यास कम लगती है, लेकिन शरीर को पर्याप्त पानी की जरूरत होती है ताकि गले और नाक की श्लेष्मा झिल्ली सूखी न हो।
साथ ही, बाहर जाने के बाद विशेषकर भीड़भाड़ वाले इलाकों में हाथों को साबुन से धोना चाहिए और हाथों से आंख, नाक या मुंह छूने से बचना चाहिए। कमरे की खिड़कियां पूरी तरह बंद रखना सही नहीं है; ताजी हवा आने देनी चाहिए ताकि वायरस फैलने की संभावना कम हो।
डॉ. भारद्वाज ने कहा कि छींक आना, गले में खराश, खांसी और बुखार जैसे लक्षणों को नजरअंदाज नहीं करना चाहिए। यदि ये लक्षण बिगड़ते हैं या लंबे समय तक बने रहते हैं, तो डॉक्टर से परामर्श लेना आवश्यक है। पर्याप्त नींद और पोषण से शरीर की प्रतिरक्षा प्रणाली मजबूत रहती है।
उन्होंने यह भी चेतावनी दी कि बिना डॉक्टर की सलाह के एंटीबायोटिक्स का उपयोग न करें क्योंकि ज्यादातर सर्दी-जुकाम वायरस के कारण होते हैं और एंटीबायोटिक्स वायरस पर काम नहीं करते।
किसे अधिक सावधानी रखनी चाहिए?
डॉ. भारद्वाज के अनुसार, अस्थमा, सीओपीडी, हृदय रोग और कमजोर प्रतिरक्षा वाले लोगों को मौसम बदलने पर विशेष सतर्कता बरतनी चाहिए। डॉक्टरों द्वारा सुझाए गए टीकाकरण से भी संक्रमण का खतरा कम होता है।
सांस लेने में कठिनाई, सीने में दर्द या तेज बुखार जैसे गंभीर लक्षण दिखने पर तुरंत चिकित्सा सहायता लेना जरूरी है।
सर्दियों में स्वस्थ रहने के लिए उचित कपड़े पहनना, पर्याप्त पानी पीना, हाथों की सफाई और अच्छी नींद लेना जरूरी है।
स्रोत: tv9hindi.com


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