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सोमवार, 26 अक्टूबर 2026
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भारत दौरे पर लिकटेंस्टीन के प्रिंस एलॉइस, जानिए इस छोटे देश की खासियत

लिकटेंस्टीन के प्रिंस एलॉइस भारत दौरे पर हैं, जो इस छोटे देश की अनोखी आर्थिक और राजनीतिक खासियतें लेकर आए हैं।

भारत दौरे पर लिकटेंस्टीन के प्रिंस एलॉइस, जानिए इस छोटे देश की खासियत

लिकटेंस्टीन के प्रिंस एलॉइस चार दिन की भारत यात्रा पर हैं, जहां वे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और विदेश मंत्री एस जयशंकर से मुलाकात करेंगे। इस यात्रा का उद्देश्य व्यापार, निवेश, विज्ञान, प्रौद्योगिकी और नवाचार के क्षेत्रों में द्विपक्षीय सहयोग को मजबूत करना है।

लिकटेंस्टीन की पहचान

लिकटेंस्टीन यूरोप का एक बेहद छोटा देश है, जो आल्प्स पर्वतों के बीच बसा हुआ है। इसकी आबादी मात्र 40,000 है, लेकिन इसके बावजूद यह दुनिया के सबसे अमीर देशों में शामिल है। वर्ल्ड एटलस की रिपोर्ट के मुताबिक, 2026 में लिकटेंस्टीन की प्रति व्यक्ति सकल घरेलू उत्पाद (GDP) (PPP) 195,372 अमेरिकी डॉलर रही, जिससे यह उस साल दुनिया का सबसे अमीर देश बना।

लिकटेंस्टीन की अनोखी विशेषताएं

यह देश स्विट्जरलैंड और ऑस्ट्रिया से घिरा हुआ है। इसकी राजधानी वाडुज़ है। इस देश की अपनी कोई मुद्रा या केंद्रीय बैंक नहीं है; इसके बजाय, स्विस फ्रैंक (CHF) का इस्तेमाल किया जाता है जो स्विट्जरलैंड के राष्ट्रीय बैंक द्वारा जारी होता है। यह मुद्रा उपयोग स्विट्जरलैंड के साथ कस्टम और मौद्रिक संघ के माध्यम से संभव हुआ है।

हालांकि यह स्विट्जरलैंड पर काफी हद तक निर्भर है, लिकटेंस्टीन पूरी तरह से संप्रभु देश है। अमेरिकी विदेश विभाग के अनुसार, यह 1719 से एक स्वतंत्र राज्य के तौर पर मौजूद है। 1699 और 1713 में लिकटेंस्टीन परिवार ने वाडुज़ और शेलनबर्ग के क्षेत्र अधिग्रहित किए और 1719 में होली रोमन एम्पायर के तहत ये क्षेत्र लिकटेंस्टीन नाम से स्वतंत्र रियासत बने।

नेपोलियन के नेतृत्व में फ्रांसीसियों ने कुछ सालों के लिए इस पर कब्जा किया, लेकिन 1815 में जर्मन परिसंघ के अंतर्गत इसे फिर से स्वतंत्रता मिली। 1868 में, जब यह परिसंघ भंग हो गया, तो लिकटेंस्टीन ने अपनी सेना खत्म कर दी और हमेशा के लिए तटस्थ रहने की घोषणा की। दोनों विश्व युद्धों के दौरान भी इस तटस्थता का सम्मान किया गया।

नहीं है एयरपोर्ट और बंदरगाह

लिकटेंस्टीन में कोई एयरपोर्ट या बंदरगाह नहीं है। यात्रियों को आमतौर पर पड़ोसी देशों स्विट्जरलैंड या ऑस्ट्रिया के एयरपोर्ट पर उतरना पड़ता है। हालांकि, बाल्ज़र्स में एक हेलीपोर्ट है। लोग ट्रेन, बस या कार से भी लिकटेंस्टीन पहुंच सकते हैं।

लिकटेंस्टीन का शासन तंत्र

यह देश वंशानुगत संवैधानिक राजतंत्र है। राजकुमार (प्रिंस) राज्य का प्रमुख होता है और वह विदेशों में देश का प्रतिनिधित्व करता है तथा अंतरराष्ट्रीय संधियों पर हस्ताक्षर करता है। सरकार का नेतृत्व सरकार के प्रमुख और चार सरकारी पार्षद करते हैं, जिन्हें संसद की मंजूरी के बाद राजकुमार नियुक्त करता है।

अमेरिकी विदेश विभाग के अनुसार, राजकुमार कानून बनाने की प्रक्रिया में बिल पेश करने, संसदीय प्रस्तावों को वीटो करने, शाही आदेश जारी करने और देश की सुरक्षा खतरे में होने पर आपातकालीन शाही आदेश जारी करने का अधिकार रखता है। हालांकि, आपातकालीन आदेश के लिए सरकार के प्रमुख के प्रति-हस्ताक्षर की आवश्यकता होती है।

प्रिंस एलॉइस की भारत यात्रा का उद्देश्य

प्रिंस एलॉइस की भारत यात्रा रविवार से शुरू हुई। विदेश मंत्रालय ने बताया कि इस यात्रा का मकसद व्यापार, निवेश, विज्ञान, प्रौद्योगिकी और नवाचार के क्षेत्रों में द्विपक्षीय सहयोग को बढ़ाना है। इस दौरान वे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और विदेश मंत्री एस जयशंकर से मुलाकात करेंगे।

विदेश मंत्रालय ने कहा, "इस यात्रा से भारत और लिकटेंस्टीन के बीच बढ़ते संबंधों को और गति मिलेगी, खासकर 2025 में भारत-EFTA व्यापार और आर्थिक साझेदारी समझौते (TEPA) के लागू होने के बाद। यह यात्रा दोनों देशों के मैत्रीपूर्ण संबंधों को और गहरा करने और नए साझेदारी क्षेत्रों को खोजने का अवसर प्रदान करेगी।"

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