मध्य प्रदेश सरकार ने सुशासन और जनकल्याण के लक्ष्य को लेकर 392 अधिकारियों-कर्मचारियों के खिलाफ कार्रवाई की है। इसमें 135 चीफ म्यूनिसिपल ऑफिसर (सीएमओ) स्तर के अधिकारी भी शामिल हैं। सरकार ने अनियमितताओं और लापरवाहियों को बर्दाश्त न करते हुए सख्त कदम उठाए हैं।
अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई की प्रक्रिया
एसीएस संजय दुबे ने बताया कि यह कार्रवाई की प्रक्रिया पहले से चालू है और निरंतर जारी रहेगी। अब तक विभिन्न स्तरों के 392 अधिकारियों-कर्मचारियों के खिलाफ कार्रवाई हो चुकी है। कुछ लोगों से वसूली की गई है, कुछ की वेतन वृद्धि रोक दी गई है, कुछ को डिमोट किया गया और कुछ को बर्खास्त भी किया गया। कार्रवाई की सख्ती अनियमितता और लापरवाही की गंभीरता के अनुसार की गई है।
सुशासन और जनकल्याण पर पूरा ध्यान
मोहान सरकार का मुख्य उद्देश्य सुशासन और जनकल्याण को आगे बढ़ाना है। इसका प्रयास है कि शासन की हर नीति और योजना का लाभ समाज के अंतिम व्यक्ति तक पहुंचे। पारदर्शी प्रशासन, जवाबदेह व्यवस्था, समय पर सेवाएं और जनसमस्याओं का त्वरित समाधान सरकार के मुख्य स्तंभ हैं। सरकार विकास को केवल योजनाओं तक सीमित नहीं रखना चाहती, बल्कि इसे आमजन के जीवन में सकारात्मक बदलाव के रूप में देखना चाहती है।


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