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गुरुवार, 29 अक्टूबर 2026
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एविगडोर लिबरमैन ने नेतन्याहू और अहमद तिबी के साथ सरकार बनाने से इनकार किया

एविगडोर लिबरमैन ने नेतन्याहू और अहमद तिबी के साथ सरकार बनाने से साफ मना किया है, जबकि विदेशी दखल की जांच जारी है।

एविगडोर लिबरमैन ने नेतन्याहू और अहमद तिबी के साथ सरकार बनाने से इनकार किया

लिबरमैन ने नेतन्याहू और अहमद तिबी के साथ गठबंधन से किया इंकार

जेरूसलम में हाल ही संपन्न हुए संसदीय चुनाव के बाद, यिस्राएल बेतेनु पार्टी के प्रमुख एविगडोर लिबरमैन ने स्पष्ट कर दिया है कि वह प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू या जॉइंट लिस्ट के नेता अहमद तिबी के साथ मिलकर सरकार नहीं बनाएंगे। उन्होंने सोमवार को पार्टी कार्यकर्ताओं से कहा, 'चुनाव से पहले जो कहा था, अब वह और भी सच है। हम बीबी या तिबी के साथ नहीं बैठेंगे।'

  • लिबरमैन ने नेतन्याहू और तिबी के साथ गठबंधन से किया इंकार।
  • इजरायल में विदेशी दखल और कतर के प्रभाव की जांच जारी।
  • नेतन्याहू ने अरब पार्टियों से सहयोग करने वाली पार्टियों का विरोध किया।

लिबरमैन का सरकार गठन को लेकर इंतजार

लिबरमैन ने कहा कि फिलहाल कई घटनाक्रम सामने आ रहे हैं, इसलिए वह स्थिति सामान्य होने और पूरी तरह स्पष्ट होने का इंतजार करेंगे। इसके बाद ही वे आगे के कदमों पर विचार करेंगे। वे लंबे समय से नेतन्याहू के नेतृत्व वाली सरकार में शामिल होने से इनकार करते रहे हैं और ऐसी सरकार का भी विरोध करते हैं, जिसे चलाने के लिए अरब राजनीतिक दलों के समर्थन की जरूरत पड़े।

चुनाव से पहले लिबरमैन के बयान

चुनाव से पहले लिबरमैन ने विपक्ष के उस रुख का समर्थन किया था जिसमें नेतन्याहू को इजरायल की सुरक्षा के लिए खतरा बताया गया था। उन्होंने कहा था कि नेतन्याहू के खिलाफ वोट देना एक मजबूत इजरायल के पक्ष में वोट देना है। इसके साथ ही, उन्होंने मतदान से एक दिन पहले अपने पोते के साथ तस्वीर साझा कर देश के भविष्य को लेकर एक भावुक संदेश दिया था।

लिबरमैन का भावुक संदेश

'अगर हम सभी मतदान करने निकलेंगे, तो मेरा प्यारा पोता ऐसे देश में जागेगा, जहां यह फैसला होगा कि हर व्यक्ति सेना या नागरिक सेवा में योगदान दे। हर कोई अपनी जिम्मेदारी निभाए और कानून के सामने सभी बराबर हों। ऐसा देश, जहां नागरिक विवाह की अनुमति हो, सभी बच्चों को पढ़ाई के जरूरी विषय पढ़ाए जाएं और लोगों पर कोई विचार या व्यवस्था जबरन न थोपी जाए। मेरा प्यारा पोता एक समृद्ध, जायोनी, समझदार और मजबूत इजरायल में बड़ा होगा। यही मेरी प्रतिबद्धता है।'

नेतन्याहू ने विपक्ष पर लगाया आरोप

प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने आरोप लगाया है कि विपक्षी दल केवल उन्हें सत्ता से बाहर करने के लिए एकजुट हो रहे हैं। उन्होंने विरोधियों को वामपंथी गठबंधन बताया और कहा कि सरकार बनाने के लिए उन्हें अरब पार्टियों के समर्थन पर निर्भर रहना पड़ सकता है। उन्होंने X (पूर्व ट्विटर) पर लिखा,

'इजरायल के दुश्मन सिर्फ यही चाहते हैं कि हम हार जाएं, क्योंकि तब यहां आइजनकोट और लिबरमैन की खतरनाक वामपंथी सरकार बनेगी, जिसमें यायर गोलान और अरब पार्टियां भी शामिल होंगी। उन्हें रोकने का तरीका यही है कि लोग बाहर निकलें और केवल लिकुड को वोट दें।'

विदेशी दखल के आरोपों की जांच जारी

इजरायल की सुरक्षा एजेंसी शिन बेट हाल ही हुए संसदीय चुनाव में विदेशी हस्तक्षेप के आरोपों की जांच कर रही है। इजरायल की केंद्रीय चुनाव समिति ने चुनाव की निष्पक्षता को लेकर लगाए गए आरोपों की जांच कराने का फैसला किया है। केंद्रीय चुनाव समिति के अध्यक्ष और जज नोआम सोलबर्ग ने शिन बेट प्रमुख डेविड जिनी को पत्र लिखकर मामले की जांच को निर्देश दिया था। जांच में कतर के कथित प्रभाव और विदेशी हस्तक्षेप की आशंकाओं को भी शामिल किया गया है।

नेतन्याहू ने जांच को बताया भूकंप

नेतन्याहू ने इस मामले को एक भूकंप बताया और जायोनी पार्टियों से आग्रह किया कि वे अरब दलों के साथ किसी भी तरह का गठबंधन न करें। उन्होंने सोशल मीडिया पर लिखा,

'रआमगेट मामला एक भूकंप है। उन्होंने इजरायल के चुनाव चुरा लिए हैं! न्यायाधीश सोलबर्ग के बयानों से पता चलता है कि विदेशी तत्वों ने अरब पार्टियों के पक्ष में मतदाताओं को प्रभावित करने और उन्हें रिश्वत देने में भूमिका निभाई। यह एक अभूतपूर्व झटका है।'

उन्होंने कहा कि यह लोकतंत्र पर हमला है, जिसका मकसद विदेशी ताकतों को नेसेट पर प्रभाव जमाने देना, देश का इस्लामीकरण करना और दक्षिणपंथी शासन को गिराना है। नेतन्याहू ने दावा किया कि इससे इजरायली सेना को ईरान जैसे मोर्चों पर हार का सामना करना पड़ सकता है।

शिन बेट और पुलिस से तत्काल कार्रवाई की मांग

'जब यह सामने आ गया है कि विदेशी तत्वों ने नेसेट पर कब्जा करने की कोशिश की, तो यह साफ है कि किसी भी जायोनी पार्टी को रआम और जॉइंट लिस्ट के साथ सहयोग नहीं करना चाहिए। कैश देकर खरीदे गए वोटों के सहारे नेसेट के स्पीकर को बदलने या ऐसी सरकार बनाने की कोशिश नहीं होनी चाहिए, जो इजरायल के लिए खतरनाक हो। हम मांग करते हैं कि शिन बेट और पुलिस उपलब्ध सभी साधनों का इस्तेमाल करके इन अपराधों की तुरंत जांच करें।'

विपक्ष ने जांच का समर्थन किया

विपक्ष ने नेतन्याहू पर चुनाव प्रक्रिया को लेकर अविश्वास फैलाने का आरोप लगाया लेकिन वे जांच को पूरी तरह समर्थन दे रहे हैं। लिबरमैन ने भी जांच तेज करने की मांग की और कहा,

'न्यायाधीश सोलबर्ग का पत्र एक नाटकीय और अभूतपूर्व घटना है। मैं कानून लागू करने वाली एजेंसियों से अपील करता हूं कि वे तेजी से कार्रवाई करें, ताकि जल्द से जल्द जांच के जरिए सच्चाई सामने आ सके।'

आइजनकोट ने संसद गठन में देरी न करने की वकालत की

पूर्व सैन्य प्रमुख और याशर पार्टी के प्रमुख गादी आइजनकोट ने कहा कि किसी भी राजनीतिक पक्ष को 26वीं नेसेट के गठन में देरी करने की अनुमति नहीं दी जानी चाहिए। उन्होंने कहा कि जांच की प्रक्रिया जारी रहनी चाहिए लेकिन इससे नई संसद के गठन को रोका नहीं जाना चाहिए।

यह राजनीतिक विवाद इजरायल की राजनीति में तीव्रता ला रहा है और सरकार गठन की प्रक्रिया को प्रभावित कर सकता है। विदेशी दखल के आरोपों की जांच अभी पूरी नहीं हुई है, इसलिए आगे की स्थिति पर नजर बनी रहेगी।

स्रोत: indiatv.in

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