दिवाली पर लक्ष्मी-गणेश की मूर्ति की सफाई जरूरी
दिवाली के त्योहार पर मां लक्ष्मी और भगवान गणेश की पूजा का विशेष महत्व होता है। बहुत से घरों में पीतल, तांबा या चांदी की मूर्तियां होती हैं, जो समय के साथ अपनी चमक खो देती हैं। गंदी या फीकी मूर्तियों की पूजा शुभ नहीं मानी जाती, इसलिए इन्हें साफ-सुथरा रखना जरूरी होता है। दिवाली से पहले इन मूर्तियों को चमकाने के लिए कुछ आसान घरेलू उपाय काम आते हैं।
नींबू और नमक से मूर्ति की सफाई
पीतल और तांबे की मूर्तियों को साफ करने के लिए नींबू और नमक का मिश्रण बेहद प्रभावी होता है। एक कटोरी में दो चम्मच नमक लेकर उसमें नींबू का रस मिलाएं। इस मिश्रण को स्पंज या मुलायम कपड़े से मूर्ति पर लगाकर 5-10 मिनट के लिए छोड़ दें। इसके बाद मूर्ति को गुनगुने पानी से धोकर सूती कपड़े से सुखाएं। इससे मूर्ति की चमक वापस आ जाती है।
इमली के गूदे से जिद्दी दाग हटाएं
पुरानी पीतल या तांबे की मूर्तियों पर जमी कालिख और जिद्दी दाग हटाने के लिए इमली का गूदा उपयोगी होता है। इमली को कुछ समय पानी में भिगोकर उसका गूदा तैयार करें। इस गूदे को मूर्ति पर लगाकर कुछ मिनट छोड़ दें। इमली में मौजूद प्राकृतिक एसिड गंदगी को हटाने में मदद करता है। फिर मूर्ति को साफ पानी से धोकर सुखा लें।
सिरका और बेकिंग सोडा से गहरी सफाई
अगर मूर्तियां बहुत अधिक गंदी हों और जिद्दी दाग हों, तो सिरका और बेकिंग सोडा का घोल बनाकर उपयोग करें। एक चम्मच बेकिंग सोडा में थोड़ा सफेद सिरका मिलाएं। जब घोल झागदार हो जाए तो मुलायम ब्रश से मूर्ति के हर हिस्से पर लगाएं। हल्के हाथ से रगड़ने के बाद मूर्ति को साफ पानी से धो लें। हालांकि, चांदी की मूर्तियों पर इस तरीके का इस्तेमाल सावधानी से करना चाहिए।
धातु की मूर्ति की सफाई क्यों महत्वपूर्ण है?
धातु की मूर्तियां पूजा के लिए विशेष होती हैं और उनकी साफ-सफाई से पूजा का माहौल शुभ बनता है। समय के साथ गंदगी लगने से मूर्तियों की सुंदरता कम हो जाती है, जिससे पूजा में बाधा आ सकती है। इसलिए दिवाली जैसे खास मौके पर इन्हें चमकाना जरूरी होता है ताकि पूजा विधि पूरी श्रद्धा और भक्ति के साथ हो सके।
स्रोत: indiatv.in


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