ईरान और अमेरिका के बीच मध्यपूर्व में तनाव जारी है। स्ट्रेट ऑफ होर्मुज को लेकर दोनों देशों की टकराव की स्थिति बनी हुई है, जहां ईरान ने साफ किया है कि अब हालात पहले जैसे नहीं रहेंगे और इस जलमार्ग से गुजरने वाले जहाजों से टोल वसूला जाएगा। इसी बीच ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अरागची ने कहा है कि चाहे एक और युद्ध छिड़ जाए, ईरान की नीतियों में कोई बदलाव नहीं होगा।
सैन्य कार्रवाई पर अरागची की कड़ी चेतावनी
ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अरागची ने कहा है कि तेहरान के खिलाफ कोई भी नई सैन्य कार्रवाई करना तर्कहीन होगा। उन्होंने यह बयान ‘शहीद सैयद कमाल खराज्जी डॉक्यूमेंटेशन सेंटर एंड म्यूजियम’ के उद्घाटन समारोह में दिया। अरागची ने कहा कि आज फिर युद्ध की बातें हो रही हैं, लेकिन चाहे युद्ध हो या न हो, ईरान की नीतियां वैसी ही बनी रहेंगी।
स्ट्रेट ऑफ होर्मुज की पुरानी स्थिति नहीं लौटेगी
अरागची ने जोर देकर कहा कि अगर अमेरिका और उसके सहयोगी थोड़ी भी समझदारी दिखाएंगे तो वे ईरान पर दोबारा सैन्य हमला नहीं करेंगे। उन्होंने बताया कि 40 दिनों के युद्ध के बाद स्ट्रेट ऑफ होर्मुज अब फिर से पुरानी स्थिति में नहीं लौटेगा। उन्होंने कहा कि यह संघर्ष क्षेत्रीय इतिहास का एक अहम मोड़ है, जिसमें ईरानी बलों ने अमेरिका के 80 से अधिक विमानों और लड़ाकू जेटों को मिसाइलों से नष्ट कर दिया।
मिडिल ईस्ट में अमेरिकी सैन्य ठिकानों को नुकसान
अरागची ने बताया कि युद्ध के बाद मिडिल ईस्ट में अमेरिकी सैन्य ठिकानों को भारी नुकसान पहुंचा है, जहां सैकड़ों इमारतें तबाह हो गई हैं। उनका यह बयान ऐसे समय में आया है जब अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कहा था कि अमेरिका जल्द ही ईरान पर हमला कर सकता है। ट्रंप ने मध्यावधि चुनावों के दौरान यह टिप्पणी की थी और कहा था कि हो सकता है वे जल्द कोई बड़ा समझौता भी कर लें।
टकराव के बीच तनाव का माहौल
ईरान ने स्ट्रेट ऑफ होर्मुज जलमार्ग से गुजरने वाले जहाजों से टोल वसूलने का फैसला किया है, जिसका इस्तेमाल युद्ध में तबाह हुई बुनियादी संरचनाओं के पुनर्निर्माण के लिए किया जाएगा। वहीं अमेरिका इस जलमार्ग में पहले जैसी स्थिति बनाए रखना चाहता है, जिससे दोनों देशों के बीच तनाव बढ़ा हुआ है।


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