News Speaks
मंगलवार, 3 नवंबर 2026
विज्ञापन
News Speaks — यहाँ विज्ञापन दें
News Speaks — यहाँ विज्ञापन दें

भारतीय नौसेना ने अरब सागर में समुद्री लुटेरों से 20 क्रू मेंबर्स को सुरक्षित बचाया

भारतीय नौसेना ने अरब सागर में समुद्री लुटेरों से मछली पकड़ने वाले जहाज और 20 क्रू मेंबर्स को सुरक्षित बचाया।

भारतीय नौसेना ने अरब सागर में समुद्री लुटेरों से 20 क्रू मेंबर्स को सुरक्षित बचाया

भारतीय नौसेना ने 2 नवंबर 2026 को अरब सागर में समुद्री लुटेरों के कब्जे से मछली पकड़ने वाले जहाज 'अजिनी' और उसके 20 क्रू मेंबर्स को सुरक्षित बचाने में सफलता पाई। यह ऑपरेशन मुंबई से 3000 किलोमीटर दूर लगभग 48 घंटे तक चला, जिसमें इंडियन एयरफोर्स ने भी सहयोग दिया। रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने नौसेना की बहादुरी पर बधाई दी।

48 घंटे तक चला सुनियोजित रेस्क्यू ऑपरेशन

यह अभियान बेहद चुनौतीपूर्ण था क्योंकि जहाज पर भारी हथियारों से लैस समुद्री लुटेरे मौजूद थे। भारतीय नौसेना ने पहले जहाज की लोकेशन का पता लगाया, फिर उसे इंटरसेप्ट किया और सभी 20 क्रू मेंबर्स को सुरक्षित मुक्त कराया।

इस पूरी कार्रवाई में इंडियन एयरफोर्स की भी समय पर मदद मिली। दोनों सेनाओं के बीच बेहतर समन्वय ने ऑपरेशन को सफल बनाने में अहम भूमिका निभाई।

राजनाथ सिंह ने नौसेना की बहादुरी की प्रशंसा क्यों की?

रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने कहा,

"48 घंटे के भीतर सभी 20 लोगों को सुरक्षित बचाना नौसेना की उच्चस्तरीय ऑपरेशनल तैयारी और समुद्री खतरों से निपटने की क्षमता को दर्शाता है।"

उन्होंने यह भी कहा कि भारतीय नौसेना ने एक बार फिर साबित किया कि भारत हिंद महासागर क्षेत्र में समुद्री सुरक्षा और क्षेत्रीय स्थिरता के लिए प्रतिबद्ध है।

हिंद महासागर में भारत का समुद्री सुरक्षा संकल्प

राजनाथ सिंह ने बताया कि भारत लगातार हिंद महासागर क्षेत्र में समुद्री सुरक्षा को मजबूत करने पर काम कर रहा है। उन्होंने कहा कि यह अभियान भारत की समुद्री सुरक्षा क्षमता, इच्छाशक्ति और प्रतिबद्धता को दर्शाता है।

रक्षा मंत्री ने यह भी कहा कि भारत सुरक्षित समुद्री मार्गों (SAFE SEAS) और स्वतंत्र, खुले एवं सुरक्षित हिंद महासागर क्षेत्र को सुनिश्चित करने के अपने संकल्प पर अडिग है।

भविष्य में नौसेना के लिए नई युद्धपोतों का निर्माण

हाल ही में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता वाली कैबिनेट कमिटी ऑन सिक्योरिटी (CCS) ने भारतीय नौसेना के लिए आठ 'नेक्स्ट-जनरेशन कॉर्वेट्स' बनाने के लिए 40,000 करोड़ रुपये से अधिक के प्रोजेक्ट को मंजूरी दी है।

इन युद्धपोतों का निर्माण कोलकाता स्थित 'गार्डन रीच शिपबिल्डर्स एंड इंजीनियर्स' (GRSE) और 'गोवा शिपयार्ड लिमिटेड' (GSL) द्वारा किया जाएगा।

अक्सर पूछे जाने वाले सवाल

  1. यह ऑपरेशन कब और कहां हुआ?
    यह ऑपरेशन 2 नवंबर 2026 को अरब सागर में मुंबई से करीब 3000 किलोमीटर दूर हुआ।
  2. इस ऑपरेशन में किन सेनाओं ने भाग लिया?
    भारतीय नौसेना ने मुख्य भूमिका निभाई और इंडियन एयरफोर्स ने समय पर सहयोग दिया।

महत्वपूर्ण तथ्य

  • अजिनी नाव और 20 क्रू मेंबर्स को समुद्री लुटेरों से मुक्त कराया गया।
  • ऑपरेशन लगभग 48 घंटे तक चला।
  • राजनाथ सिंह ने नौसेना की बहादुरी को सराहा।
  • कैबिनेट ने नौसेना के लिए 40,000 करोड़ रुपये से अधिक के युद्धपोत निर्माण प्रोजेक्ट को मंजूरी दी।

स्रोत: indiatv.in

यह खबर शेयर करें
संपादकीय टीम
संपादकीय टीम · Head - Digital Desk

News Speaks की संपादकीय टीम।

संपादकीय टीम की और खबरें →

टिप्पणियाँ

इस खबर पर सबसे पहले अपनी टिप्पणी करें।