प्रधान न्यायाधीश (CJI) सूर्यकांत की अध्यक्षता वाली तीन सदस्यीय पीठ ने INDIA ब्लॉक मार्च से जुड़े कई याचिकाओं की सुनवाई की। सुनवाई के दौरान CJI ने सुप्रीम कोर्ट के अंदर प्रदर्शन पर सवाल उठाते हुए कहा कि बार के कुछ सदस्य भी इसमें शामिल थे और उन्होंने इसका जवाब मांगा। कोर्ट ने इस मामले में राजनीतिक नेताओं, केंद्र सरकार और दिल्ली पुलिस को नोटिस जारी करने का निर्णय लिया।
INDIA ब्लॉक मार्च और विरोध प्रदर्शन
यह मामला 12 अक्टूबर के INDIA ब्लॉक के मार्च से जुड़ा है, जिसे विपक्षी नेताओं ने सुप्रीम कोर्ट की ओर निकाला था। ये नेता मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार और चुनाव आयोग के मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) अभियान के विरोध में प्रदर्शन कर रहे थे। दिल्ली पुलिस ने भगवान दास रोड पर बैरिकेडिंग लगाकर मार्च को रोक दिया था। बाद में विपक्षी नेताओं के एक प्रतिनिधिमंडल को याचिका सौंपने के लिए सुप्रीम कोर्ट परिसर में प्रवेश की अनुमति दी गई थी।
इस घटना के बाद चार वकीलों ने सुप्रीम कोर्ट में याचिका दायर की, जिसमें अदालत परिसरों के अंदर और आसपास राजनीतिक प्रदर्शनों को नियंत्रित करने के लिए दिशा-निर्देश बनाने की मांग की गई। याचिका में राहुल गांधी, मल्लिकार्जुन खरगे, अखिलेश यादव और महुआ मोइत्रा सहित कई राजनीतिक नेताओं के प्रदर्शन से जुड़ी जांच भी शामिल है।
पुलिस पर प्रदर्शनकारियों और पत्रकारों के साथ कड़ा व्यवहार का आरोप
सुप्रीम कोर्ट उन याचिकाओं पर भी सुनवाई कर रही है, जिनमें मुख्य चुनाव आयुक्त के खिलाफ हुए प्रदर्शन के दौरान पुलिस द्वारा प्रदर्शनकारियों, वकीलों और पत्रकारों के साथ कथित मारपीट और अवैध हिरासत की शिकायतें शामिल हैं। याचिकाओं में सार्वजनिक आवागमन पर प्रतिबंध, परिवहन सेवाओं के कथित बंद होने और जंतर-मंतर को आधिकारिक प्रदर्शन स्थल से हटाने के फैसले को भी चुनौती दी गई है।
स्रोत: hindi.webdunia.com


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