मुख्यमंत्री योगी ने अयोध्या में रामराज्य की अवधारणा समझाई
उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने अयोध्या में कहा कि पहले रामभक्तों पर गोलियां चलती थीं, लेकिन आज उनकी पूजा पुष्पवर्षा के साथ होती है। उन्होंने रामराज्य और सुशासन का मतलब समझाते हुए कहा कि आस्था और सकारात्मकता से ही विकास संभव है।
भारत में आस्था और एकता का योगदान
योगी आदित्यनाथ ने बताया कि भारत में विविध भाषाओं, संस्कृतियों और बोलियों के बीच एकता बनाए रखने वाली सबसे बड़ी ताकत आस्था है। उन्होंने कहा कि आज लाखों लोग श्रीराम कथा के आयोजन में जुड़ते हैं, जो हजारों वर्षों पुरानी परंपरा है। इस आस्था में श्रीमद्भागवत महापुराण और रामलीलाएं शामिल हैं, जो देश के हर हिस्से में आयोजित होती हैं।
अयोध्या का बदलता स्वरूप और राम मंदिर का निर्माण
मुख्यमंत्री ने अयोध्या के पिछले दशकों के संघर्षों का जिक्र करते हुए कहा कि पांच सौ वर्षों की आस्था के बाद रामजन्मभूमि पर मंदिर बनना संभव हुआ। उन्होंने 2 नवंबर 1990 की घटना का उल्लेख किया जब रामभक्तों पर गोली चली थी। उस वक्त अयोध्या में रामभक्तों की आवाज दबाई जाती थी और बुनियादी सुविधाएं नहीं थीं।
उन्होंने कहा कि अब अयोध्या चारों तरफ से बेहतर सड़कें, रेलवे और हवाई सेवा से जुड़ी है। महर्षि वाल्मीकि अंतरराष्ट्रीय एयरपोर्ट भी स्थापित हो चुका है। पहले जहां रामभक्तों पर लाठियां और गोलियां चलती थीं, आज उन्हें पुष्पवर्षा से सम्मानित किया जाता है।
श्रद्धा और सकारात्मकता से विकास का रास्ता
योगी आदित्यनाथ ने कहा कि रामकथा का उद्देश्य केवल श्रवण करना नहीं बल्कि भगवान राम के आदर्शों को जीवन में अपनाना है। उन्होंने बताया कि नकारात्मकता से अराजकता बढ़ती है, जबकि श्रद्धा और आस्था से ज्ञान, विकास और खुशहाली आती है।
बिना भेदभाव योजनाओं का लाभ और रामराज्य की परिभाषा
मुख्यमंत्री ने कहा कि पहले धन बर्बाद होता था, लेकिन अब मंदिरों के विकास के साथ गरीबों की योजनाओं पर खर्च हो रहा है। उन्होंने बताया कि प्रदेश में अब दंगे और कर्फ्यू नहीं होते, गरीबों को मुफ्त राशन और स्वास्थ्य बीमा मिल रहा है। नौजवानों को नौकरी, किसानों को सम्मान निधि और सभी को सुरक्षा मिल रही है। यही रामराज्य की सच्ची भावना है।
उत्तर प्रदेश के धार्मिक स्थलों का विकास
योगी आदित्यनाथ ने कहा कि अयोध्या के साथ काशी, मथुरा-वृंदावन जैसे प्रमुख धार्मिक स्थलों का भी अभूतपूर्व विकास हो रहा है। काशी विश्वनाथ धाम में अब 50 हजार श्रद्धालु एक साथ दर्शन कर सकते हैं। मथुरा-वृंदावन की सजावट बढ़ रही है और विंध्यवासिनी धाम में सुविधाएं बेहतर हुई हैं।
महर्षि वाल्मीकि और श्रीराम के आदर्श
मुख्यमंत्री ने महर्षि वाल्मीकि का उल्लेख करते हुए कहा कि उन्होंने संस्कृत में पहली रामायण लिखी और श्रीराम को धर्म का साक्षात स्वरूप बताया। राम के आदर्श पुत्र, पति, गुरु और समाज के लिए प्रेरणा हैं। योगी ने मथुरा-वृंदावन और अयोध्या के धार्मिक महत्व को भी रेखांकित किया।
कार्यक्रम में प्रमुख हस्तियों की उपस्थिति
इस अवसर पर शक्तिपीठ देवीपाटन के महंत मिथिलेश महाराज, श्री हनुमान गढ़ी के महंत राजूदास, उत्तर प्रदेश के मंत्री और प्रभारी मंत्री पीलीभीत सरदार बलदेव सिंह औलख, मंत्री संजय गंगवार, भाजपा के कई विधायक तथा अन्य संत और भक्तजन मौजूद थे।
स्रोत: hindi.webdunia.com


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