केरल में वी.डी. सतीशन सरकार ने छह महीने से कम समय में 16 जांचें शुरू कीं, जिनमें से 12 मामले पिछली एलडीएफ सरकार से जुड़े हैं।
सतीशन सरकार ने शुरू की व्यापक जांचें
तिरुवनंतपुरम। केरल में वी.डी. सतीशन सरकार ने अपने कार्यकाल के छह महीने से भी कम समय में 16 बड़े मामलों की जांच के आदेश दिए हैं। इनमें से 12 मामले सीधे तौर पर पिछली एलडीएफ सरकार और सीपीआईएम से जुड़े हैं। ये जांचें मई 2016 की यादें ताजा कर रही हैं, जब पिनराई विजयन ने कांग्रेस-यूडीएफ की ओमन चांडी सरकार को हराकर सत्ता संभाली थी।
सरकार ने 1 जनवरी 2016 से मार्च 2016 तक के समय में चांडी सरकार द्वारा लिए गए सभी कैबिनेट फैसलों की भी जांच शुरू की है। उस समय सतीशन ने कांग्रेस नेता वी.एम. सुधीरन के साथ मिलकर इन फैसलों पर सवाल उठाए थे, हालांकि जांच में कोई गड़बड़ी नहीं पाई गई।
मुख्य जांच के मामले और विषय
इन जांचों में सबसे प्रमुख है केरल इंफ्रास्ट्रक्चर इन्वेस्टमेंट फंड बोर्ड (केआईआईएफबी) के वित्तीय लेन-देन की विजिलेंस जांच। केआईआईएफबी पिछली एलडीएफ सरकार की मुख्य इंफ्रास्ट्रक्चर फंडिंग एजेंसी थी।
इसके अलावा, एक विशेष पुलिस टीम लियोनेल मेसी की अर्जेंटीना फुटबॉल टीम के केरल दौरे से जुड़ी कथित वित्तीय अनियमितताओं की जांच कर रही है।
क्राइम ब्रांच सार्वजनिक सेवा आयोग (पीएससी) परीक्षाओं और नियुक्तियों में हुई कथित अनियमितताओं की छानबीन कर रही है, जिसमें वरिष्ठ पदों पर भर्तियां शामिल हैं।
एक विशेष जांच दल (एसआईटी) सचिवालय के सामने यूथ कांग्रेस और केएसयू प्रदर्शनकारियों पर हुए हमलों के आरोपों की जांच कर रहा है।
अन्य जांचें और विवाद
अन्य जांचों में कन्नूर जिला पंचायत की पूर्व अध्यक्ष पी.पी. दिव्या से जुड़ी कथित वित्तीय अनियमितताएं, चेवायुर सर्विस कोऑपरेटिव बैंक चुनाव में गड़बड़ियां, वडाकारा के 'काफिर' स्क्रीनशॉट विवाद और पूर्व मुख्यमंत्री के लिए फ्लाइट के दौरान हुए विरोध-प्रदर्शन का मामला शामिल है।
सीएमआरएल-एक्सलॉजिक के वित्तीय लेन-देन की विजिलेंस जांच फिलहाल रुकी हुई है, क्योंकि केरल हाई कोर्ट ने आगे की कार्यवाही पर रोक लगा दी है।
सरकार का पक्ष और आने वाले कदम
सरकार का कहना है कि ये जांचें कानूनी प्रक्रिया और आवश्यक नियमों का पालन करते हुए शुरू की गई हैं। साथ ही बताया गया है कि आने वाले समय में कुछ और मामले जांच के दायरे में आ सकते हैं।
इतनी बड़ी संख्या में जांचें शुरू होने के कारण, पिछली सरकार के खिलाफ आरोपों को लेकर वर्तमान सरकार का रुख राजनीतिक चर्चा का केंद्र बना हुआ है।
मुख्य तथ्य
- सतीशन सरकार ने छह महीने में 16 मामले जांच के लिए दिए।
- 12 मामले सीधे पिछली एलडीएफ सरकार और सीपीआईएम से जुड़े हैं।
- केआईआईएफबी के वित्तीय लेन-देन की विजिलेंस जांच प्रमुख है।
- पीएससी परीक्षाओं में कथित अनियमितताओं की भी जांच चल रही है।
- सीएमआरएल-एक्सलॉजिक मामले की जांच हाई कोर्ट के रोक के कारण रुकी है।
स्रोत: deshbandhu.co.in


टिप्पणियाँ
इस खबर पर सबसे पहले अपनी टिप्पणी करें।