दिल्ली पुलिस ने कांग्रेस सांसद इमरान मसूद को हिरासत में लिया है। वे जामिया मिल्लिया इस्लामिया यूनिवर्सिटी में छात्रों के विरोध प्रदर्शन में शामिल होने गए थे, जो छात्रसंघ की बहाली की मांग को लेकर हो रहा है।
इमरान मसूद की प्रतिक्रिया
हिरासत के दौरान इमरान मसूद ने कहा कि वे छात्रों के लिए अपनी जान तक दे सकते हैं। उन्होंने यूनिवर्सिटी की दीवारों पर लिखे गए "फ्री कश्मीर" और "फ्री शरजील इमाम" जैसे नारे मामले पर कहा, "कश्मीर भारत का अभिन्न हिस्सा है और कोई बच्चा भी यह नहीं कहता कि कश्मीर भारत का हिस्सा नहीं है। यह सब आंदोलन को बदनाम करने की साजिश है।"
ABVP की शिकायत
वहीं, ABVP ने विश्वविद्यालय प्रशासन से इन नारों को लेकर शिकायत दर्ज कराई है। संगठन ने निष्पक्ष जांच और FIR दर्ज करने की मांग की है।
छात्रों की प्रमुख मांगें
जामिया यूनिवर्सिटी के छात्र तीन मुख्य मांगों को लेकर प्रदर्शन कर रहे हैं: छात्रसंघ चुनाव की तारीखों का ऐलान, प्रदर्शनकारियों पर अनुशासनात्मक कार्रवाई वापस लेना, और सिक्योरिटी एडवाइजर व चीफ प्रॉक्टर को हटाना।
यूनिवर्सिटी की प्रतिक्रिया
यूनिवर्सिटी की हाई लेवल कमेटी ने बताया कि छात्रसंघ का संविधान बनाने के लिए ड्राफ्ट कमेटी गठित की गई है और उसके बिना चुनाव संभव नहीं है। 12 अक्टूबर 2026 के बाद की गई अनुशासनात्मक कार्रवाइयों की समीक्षा की जाएगी ताकि छात्रों को राहत मिल सके।
सिक्योरिटी स्टाफ के लिए आचार संहिता और ट्रेनिंग की भी सिफारिश की गई है। कमेटी ने छात्रों से प्रदर्शन खत्म करने और चुनाव जल्द कराने में सहयोग करने की अपील की है।


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