गाजियाबाद के वसुंधरा पुलिस चौकी के पास 7 नवंबर को एक धमाका हुआ, जिससे पुलिस और सुरक्षा एजेंसियां सतर्क हो गईं। इस धमाके की जिम्मेदारी सोशल मीडिया पर एक अनजान संगठन 'तहरीक-उल-मुजाहिदीन हिंदुस्तान' ने ली है। दिल्ली-एनसीआर के कई संवेदनशील इलाकों में सुरक्षा कड़ी कर दी गई है और जांच जारी है।
सोशल मीडिया पर जिम्मेदारी का दावा
इस संगठन ने ऑनलाइन एक वीडियो और बयान जारी किया है जिसमें अंग्रेजी में लिखा हुआ संदेश और उर्दू में वॉयसओवर है। इस संदेश में पुलिसकर्मियों को निशाना बनाने की बात कही गई है। धमाका लाल किले पर हुए हमले की बरसी से ठीक पहले हुआ, जिससे सुरक्षा एजेंसियों की चिंताएं बढ़ गई हैं।
दिल्ली के आसपास के एनसीआर क्षेत्र में भीड़भाड़ वाली जगहों पर चौकसी बढ़ाई गई है। फॉरेंसिक टीम मौके से मिले सबूतों की जांच कर रही है।
एजेंसियों का ISI और मनोवैज्ञानिक साजिश का शक
आतंकवाद-रोधी डेटाबेस में 'तहरीक-उल-मुजाहिदीन हिंदुस्तान' नाम के किसी स्थापित संगठन का कोई रिकॉर्ड नहीं मिला है। खुफिया सूत्रों का मानना है कि यह धमाका कोई बड़ा आतंकी हमला नहीं है, बल्कि पाकिस्तान की खुफिया एजेंसी ISI और गैंगस्टर से आतंकी बने शहजाद भट्टी के मनोवैज्ञानिक अभियान (Psy-Ops) का हिस्सा हो सकता है।
जांचकर्ताओं के मुताबिक, ऐसी छोटी घटनाओं को अंजाम देकर फर्जी नाम से ऑनलाइन घोषणापत्र जारी करना जनता में भय फैलाने और सांप्रदायिक तनाव भड़काने की पुरानी रणनीति है।
गाजियाबाद पुलिस की प्रतिक्रिया और जांच
गाजियाबाद पुलिस कमिश्नर जे रविंदर गौड़ ने बताया, "इंदिरापुरम पुलिस थाना के अंतर्गत वसुंधरा पुलिस चौकी की पिछली दीवार पर धमाके की सूचना मिली थी। उस समय एक सब-इंस्पेक्टर और एक डिलीवरी बॉय चौकी पर मौजूद थे। दोनों ने धमाके की आवाज सुनी और जांच की गई। मौके से सभी उपलब्ध सबूत इकट्ठा किए गए। यह धमाका पटाखे का नहीं था।"
साइबर इंटेलिजेंस टीमें सोशल मीडिया अकाउंट, IP एड्रेस और डिजिटल फुटप्रिंट की जांच कर रही हैं ताकि वीडियो अपलोड करने वाले की पहचान कर सकें।
संवेदनशील स्थानों पर सुरक्षा बढ़ाई गई
खुफिया अधिकारियों ने बताया कि इस नाम का कोई स्थापित आतंकी संगठन डेटाबेस में दर्ज नहीं है। एनसीआर के महत्वपूर्ण और भीड़भाड़ वाले क्षेत्रों में सुरक्षा इंतजाम कड़े कर दिए गए हैं। फोरेंसिक विशेषज्ञ धमाके की जगह से मिले सबूतों की जांच कर रहे हैं। इस बीच, इस दावे की स्वतंत्र पुष्टि अभी नहीं हो पाई है।
मुख्य बिंदु
- 7 नवंबर को गाजियाबाद के वसुंधरा पुलिस चौकी के पास धमाका हुआ।
- 'तहरीक-उल-मुजाहिदीन हिंदुस्तान' नाम के संगठन ने जिम्मेदारी ली।
- पाकिस्तान की ISI और गैंगस्टर शहजाद भट्टी के मनोवैज्ञानिक अभियान का शक।
- दिल्ली-एनसीआर में सुरक्षा बढ़ाई गई, जांच जारी है।
स्रोत: hindi.asianetnews.com


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