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शुक्रवार, 6 नवंबर 2026
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दिल की बीमारी का संकेत हो सकती है लगातार खांसी और सांस की तकलीफ

दिल की बीमारी का संकेत हो सकती है लगातार खांसी, खासकर सांस लेने में दिक्कत और थकान के साथ।

दिल की बीमारी का संकेत हो सकती है लगातार खांसी और सांस की तकलीफ

नई दिल्ली में स्वास्थ्य विशेषज्ञों ने चेतावनी दी है कि लगातार खांसी को नजरअंदाज नहीं करना चाहिए क्योंकि यह हृदय रोग का संकेत हो सकता है। खासकर अगर खांसी के साथ सांस लेने में दिक्कत और थकान हो रही हो, तो यह हार्ट फेलियर का लक्षण हो सकता है।

दिल और फेफड़ों का संबंध

दिल और फेफड़े शरीर में मिलकर काम करते हैं। दिल खून पंप करता है और फेफड़े उसमें ऑक्सीजन मिलाते हैं। जब दिल कमजोर पड़ता है, तो फेफड़ों पर असर पड़ता है जिससे खांसी हो सकती है।

हार्ट फेलियर में खांसी का कारण

हार्ट फेलियर में दिल शरीर की जरूरत के मुताबिक खून पंप नहीं कर पाता है। इससे खून का दबाव बढ़ता है और फेफड़ों की रक्त वाहिकाओं में तरल पदार्थ जमा होने लगता है जिसे पल्मोनरी कंजेशन कहा जाता है। यह तरल फेफड़ों की सांस लेने की प्रक्रिया को प्रभावित करता है और शरीर खांसी से प्रतिक्रिया देता है।

रात में खांसी और सांस फूलना

रात को ज्यादा खांसी होना और सांस फूलना भी दिल की समस्या से जुड़ा हो सकता है। जब व्यक्ति लेटता है तो शरीर में तरल का वितरण बदलता है जिससे फेफड़ों पर दबाव बढ़ जाता है। हार्ट फेलियर के मरीजों को इस वजह से रात में बार-बार खांसी आ सकती है और उन्हें सांस लेने के लिए बैठना पड़ता है।

बलगम का रंग और गंभीर संकेत

खांसी के दौरान निकलने वाले बलगम का रंग और बनावट भी स्वास्थ्य की जानकारी दे सकते हैं। सफेद या गुलाबी झागदार बलगम फेफड़ों में तरल जमा होने यानी पल्मोनरी एडेमा का संकेत हो सकता है, जो गंभीर मेडिकल इमरजेंसी है। ऐसे मरीजों को तुरंत डॉक्टर से संपर्क करना चाहिए।

स्रोत: deshbandhu.co.in

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