विज्ञापन
News Speaks — यहाँ विज्ञापन दें
News Speaks — यहाँ विज्ञापन दें

12वीं के बाद ITI, पॉलिटेक्निक और डिप्लोमा में करियर विकल्प

12वीं के बाद ITI, पॉलिटेक्निक और डिप्लोमा कोर्स करियर के लिए महत्वपूर्ण विकल्प हैं, जो तकनीकी स्किल और नौकरी के अवसर देते हैं।

12वीं के बाद ITI, पॉलिटेक्निक और डिप्लोमा में करियर विकल्प

12वीं के बाद करियर चुनने के लिए ITI, पॉलिटेक्निक और डिप्लोमा कोर्स छात्रों के बीच लोकप्रिय विकल्प हैं। ये कोर्स टेक्निकल स्किल्स सिखाते हैं और नौकरी पाने में मदद कर सकते हैं। इनकी अवधि, ट्रेनिंग और नौकरी के अवसर अलग होते हैं, इसलिए सही कोर्स चुनना जरूरी है।

ITI कोर्स की खासियत

ITI (Industrial Training Institute) उन छात्रों के लिए उपयुक्त है, जो कम समय में तकनीकी काम सीखकर नौकरी करना चाहते हैं। इसमें ज्यादा प्रैक्टिकल ट्रेनिंग दी जाती है।

योग्यता के अनुसार, 8वीं, 10वीं या 12वीं पास छात्र ITI में एडमिशन ले सकते हैं। कोर्स की अवधि 6 महीने से 2 साल होती है।

इलेक्ट्रीशियन, फिटर, वेल्डर और कंप्यूटर ऑपरेटर जैसे ट्रेड में नौकरी के अवसर मिलते हैं। रेलवे, बिजली विभाग, रक्षा क्षेत्र और निजी कंपनियों में शुरुआती सैलरी 12,000 से 35,000 रुपये प्रतिमाह हो सकती है।

पॉलिटेक्निक से इंजीनियरिंग क्षेत्र में करियर

पॉलिटेक्निक कोर्स उन छात्रों के लिए है जो इंजीनियरिंग और तकनीकी क्षेत्र में आगे बढ़ना चाहते हैं। इसमें थ्योरी और प्रैक्टिकल दोनों पढ़ाई होती है।

पॉलिटेक्निक डिप्लोमा सामान्यतः 10वीं के बाद 3 साल का होता है। कुछ संस्थान 12वीं साइंस या ITI के बाद लेटरल एंट्री देते हैं, जिससे सीधे दूसरे वर्ष में दाखिला मिलता है।

डिप्लोमा पूरा करने के बाद छात्र जूनियर इंजीनियर (JE) जैसे पदों के लिए आवेदन कर सकते हैं। शुरुआती वेतन 1.2 लाख से 4.2 लाख रुपये सालाना हो सकता है, जो पद, कंपनी और अनुभव पर निर्भर करता है।

डिप्लोमा कोर्स के विकल्प

डिप्लोमा कोर्स कंप्यूटर, फार्मेसी, होटल मैनेजमेंट सहित कई तकनीकी क्षेत्रों में उपलब्ध हैं। इनकी अवधि कोर्स के अनुसार अलग-अलग होती है।

जो छात्र जल्दी काम शुरू करना चाहते हैं और किसी खास क्षेत्र में विशेषज्ञता हासिल करना चाहते हैं, वे डिप्लोमा कोर्स चुन सकते हैं।

सही कोर्स कैसे चुनें?

अगर कम समय में नौकरी करना है तो ITI बेहतर है। इंजीनियरिंग क्षेत्र में प्रोफेशनल बनने के लिए पॉलिटेक्निक उपयुक्त है। खास स्किल्स के लिए डिप्लोमा कोर्स उपयोगी हैं।

एडमिशन से पहले संस्थान की मान्यता, फीस, योग्यता, ट्रेनिंग और प्लेसमेंट रिकॉर्ड जरूर जांचें। किसी भी कोर्स से नौकरी और सैलरी की गारंटी नहीं मिलती। सही कोर्स वही है जो आपके इंटरेस्ट, आर्थिक स्थिति और करियर लक्ष्य से मेल खाता हो।

लेखिका के बारे में

दिल्ली में जन्मीं सपना यादव TV9 भारतवर्ष डिजिटल में असिस्‍टेंट प्रोड्यूसर हैं। पत्रकारिता में 4 साल से अधिक का अनुभव है। उन्होंने दिल्ली यूनिवर्सिटी से BA Hons. हिस्ट्री, जामिया मिल्लिया इस्लामिया से पीजी डिप्लोमा इन टीवी जर्नलिज्म और मास्टर्स की डिग्री ली है। वर्तमान में वे एजुकेशन डेस्क पर करियर, बोर्ड परीक्षाओं और प्रतियोगी परीक्षाओं की खबरें कवर कर रही हैं।

स्रोत: tv9hindi.com

यह खबर शेयर करें
संपादकीय टीम
संपादकीय टीम · Head - Digital Desk

News Speaks की संपादकीय टीम।

संपादकीय टीम की और खबरें →

टिप्पणियाँ

इस खबर पर सबसे पहले अपनी टिप्पणी करें।