दिल्ली के डॉक्टर एच.एस. छाबड़ा ने सुबह हाथ-पैरों की अकड़न को आर्थराइटिस का संकेत बताया है।
आर्थराइटिस के लक्षण और प्रकार
सुबह उठते ही हाथ-पैरों में अकड़न, जोड़ों में दर्द या उंगलियों को मोड़ने में दिक्कत आर्थराइटिस के शुरुआती संकेत हो सकते हैं। दिल्ली के श्री बालाजी एक्शन मेडिकल इंस्टीट्यूट के निदेशक एवं प्रमुख ऑर्थोपेडिक्स, डॉक्टर एच.एस. छाबड़ा ने बताया कि इसे अक्सर उम्र बढ़ने या थकान समझकर नजरअंदाज कर दिया जाता है।
डॉक्टर छाबड़ा के अनुसार, आर्थराइटिस के दो प्रमुख प्रकार हैं:
- रूमेटाइड आर्थराइटिस: यह एक ऑटोइम्यून बीमारी है जिसमें शरीर की रोग प्रतिरोधक क्षमता जोड़ों पर हमला करती है, जिससे सूजन, दर्द और सुबह की अकड़न 30 मिनट से अधिक समय तक रह सकती है।
- ऑस्टियोआर्थराइटिस: इसमें जोड़ों के कार्टिलेज घिसने लगते हैं, जिससे चलने-फिरने, सीढ़ियां चढ़ने या सामान उठाने में दर्द होता है। इसके साथ सूजन, गर्माहट, लालिमा और उंगलियों की पकड़ कमजोर होना भी लक्षण हैं।
कौन से लक्षण नजरअंदाज न करें
डॉक्टर के अनुसार, अगर सुबह उठने पर हाथ-पैरों या जोड़ों में अकड़न लंबे समय तक बनी रहती है, साथ ही सूजन, लालिमा और चलने-फिरने में दिक्कत हो, तो इसे अनदेखा नहीं करना चाहिए। ऐसे लक्षण कई दिनों तक बने रहने पर तुरंत डॉक्टर से संपर्क करना जरूरी है।
आर्थराइटिस को कैसे नियंत्रित करें
अगर ये समस्याएं लगातार बनी रहती हैं या बढ़ रही हैं, तो सामान्य दर्द समझकर अनदेखा न करें। डॉक्टर से परामर्श लेकर जरूरी जांच कराएं। इसके अलावा, नियमित हल्का व्यायाम करना, वजन नियंत्रित रखना, संतुलित आहार लेना और जोड़ों पर अधिक दबाव डालने से बचना लाभकारी होता है।
Disclaimer: इस लेख में दी गई जानकारी केवल सामान्य ज्ञान के लिए है। कोई भी स्वास्थ्य संबंधी बदलाव या उपचार शुरू करने से पहले डॉक्टर से सलाह जरूर लें।
स्रोत: indiatv.in


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