कांग्रेस नेता अलका लांबा ने दिल्ली में 1 नवंबर को इंडिया ब्लॉक की रैली आयोजित करने का ऐलान किया है। उन्होंने दावा किया कि इस रैली में देशभर से दस लाख लोग हिस्सा लेंगे। रैली के मुद्दों में कथित वोट चोरी, एसआईआर और मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग शामिल हैं। साथ ही उन्होंने भाजपा पर रैली रोकने की कोशिश करने और व्यापारियों को रैली टालने के लिए दबाव बनाने के आरोप लगाए।
रैली को लेकर सियासत तेज
अलका लांबा ने कहा कि पहले भाजपा से जुड़े लोग जंतर-मंतर और कनॉट प्लेस में रैली रोकने की बात कर रहे थे। जब ये प्रयास सफल नहीं हुए तो अब भाजपा समर्थित व्यापार संघों को रैली टालने के लिए आगे किया जा रहा है। उन्होंने बताया कि त्योहारों के दौरान मजदूर अपने घर चले जाते हैं, लेकिन 1 नवंबर को देशभर से बड़ी संख्या में लोग दिल्ली पहुंचेंगे, जिससे होटल, खानपान और बाजारों में कारोबार बढ़ेगा। लोग सदर बाजार, चांदनी चौक जैसे इलाकों में भी खरीदारी करेंगे।
व्यापारियों के नुकसान पर दिया जवाब
लांबा ने कहा कि व्यापारियों को असली नुकसान तब हुआ था जब जंतर-मंतर पर आंदोलन रोकने के लिए दिल्ली को छावनी में बदल दिया गया था। उस दौरान 50 मेट्रो स्टेशन बंद किए गए, रेल सेवाएं रोकी गईं और इंटरनेट बंद कर दिया गया था। इससे ऑनलाइन बिलिंग और कारोबार प्रभावित हुए थे। उन्होंने व्यापारियों से रैली को लेकर चिंता न करने की अपील की और कहा कि 1 नवंबर को उनके कारोबार की भरपाई होगी।
रैली के मुद्दे और भाजपा पर आरोप
अलका लांबा ने बताया कि रैली का मुख्य उद्देश्य कथित वोट चोरी, एसआईआर और मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग है। उन्होंने देशभर से ऐसे लोग रैली में शामिल होंगे जिनके नाम मतदाता सूची से हटाए गए हैं, लेकिन वे भारतीय नागरिक हैं। उन्होंने प्रधानमंत्री पर ज्ञानेश कुमार को बचाने की कोशिश करने का आरोप लगाया और कहा कि इस्तीफे को लेकर दबाव बढ़ रहा है।
नसीरुद्दीन शाह की आलोचना पर प्रतिक्रिया
अलका लांबा ने अभिनेता नसीरुद्दीन शाह की भाजपा की आलोचना का समर्थन करते हुए कहा कि यह केवल एक नागरिक की भावना नहीं बल्कि देश के कई लोगों की चिंता है। उन्होंने पूर्व मुख्य न्यायाधीश जस्टिस नरीमन और पूर्व चुनाव आयुक्त कुरैशी के बयानों का हवाला दिया, जिनमें चुनाव प्रक्रिया और मतदाता सूची से जुड़ी चिंताएं जताई गई हैं। लांबा ने कहा कि रैली और उससे जुड़े मुद्दों को व्यापक समर्थन मिल रहा है और चुनाव प्रक्रिया में सुधार की जरूरत है।
दिल्ली की 17 वर्षीय छात्रा की मौत पर चिंता
अलका लांबा ने दिल्ली में 17 वर्षीय छात्रा की मौत पर गंभीर चिंता जताई। उन्होंने बताया कि छात्रा ने कथित तौर पर तीन पन्नों का नोट लिखा था और स्कूल के अंदर उसकी मौत हुई। लांबा ने सवाल उठाया कि स्कूल प्रशासन और कर्मचारी उस समय कहां थे और ऐसी स्थिति को रोकने के लिए क्या कदम उठाए गए। उन्होंने स्कूल की प्रिंसिपल, स्टाफ और शिक्षा विभाग की जिम्मेदारी तय करने की मांग की। महिला कांग्रेस की अध्यक्ष को घटना स्थल पर भेजा गया और शाहदरा जिला महिला कांग्रेस अध्यक्ष भी पीड़ित परिवार से मिलीं।


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