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शनिवार, 31 अक्टूबर 2026
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आकर्ण धनुरासन से पैरों और रीढ़ की हड्डी होती है मजबूत

आयुष मंत्रालय के अनुसार, आकर्ण धनुरासन से पैरों और रीढ़ की हड्डी मजबूत होती है और शरीर में लचीलापन आता है।

आकर्ण धनुरासन से पैरों और रीढ़ की हड्डी होती है मजबूत

नई दिल्ली में आयुष मंत्रालय ने बताया है कि आकर्ण धनुरासन योगासन शरीर के कई हिस्सों को मजबूत और लचीला बनाता है। इस आसन का नियमित अभ्यास पैरों, कंधों और रीढ़ की हड्डी की ताकत और लचीलापन बढ़ाता है।

आकर्ण धनुरासन का अर्थ और विधि

इस योगासन का नाम संस्कृत शब्दों 'आकर्ण' (कान तक) और 'धनुष' (धनुष) से मिलकर बना है। इसमें व्यक्ति बैठकर अपने एक पैर को हाथों से पकड़कर कान के पास खींचता है, जिससे शरीर की मुद्रा धनुष और तीर जैसी दिखती है।

पैरों और मांसपेशियों पर असर

आयुष मंत्रालय के अनुसार, आकर्ण धनुरासन जांघों, कूल्हों और हैमस्ट्रिंग मांसपेशियों को मजबूत और लचीला बनाता है। पैर को ऊपर उठाकर खींचने से इन हिस्सों में खिंचाव आता है, जिससे मांसपेशियों की मजबूती बढ़ती है और दर्द कम होता है।

रीढ़ की हड्डी को लाभ

इस आसन से रीढ़ की हड्डी में लचीलापन आता है और स्पाइनल कॉर्ड मजबूत होता है। नियमित अभ्यास से पीठ दर्द, साइटिका और कमर की जकड़न जैसी समस्याओं में राहत मिलती है।

सावधानियां और निर्देश

आयुष मंत्रालय ने इस आसन को करते समय सावधानी बरतने की सलाह दी है। इसे किसी योग्य योग शिक्षक की देखरेख में करना चाहिए। पैरों को कान तक खींचते समय जबरदस्ती न करें और शरीर पर अनावश्यक दबाव न डालें। अगर खिंचाव या दर्द महसूस हो तो अभ्यास रोक दें। गर्भावस्था के दौरान इस आसन को करने की सख्त मनाही है।

स्रोत: deshbandhu.co.in

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