उत्तराखंड के केदारताल ट्रैक पर हिमस्खलन और भारी बर्फबारी के कारण पश्चिम बंगाल के 5 ट्रैकर्स समेत कुल 8 लोग लापता हो गए हैं।
लापता ट्रैकर्स और अभियान दल के सदस्य
पश्चिम बंगाल के बांकुरा जिले के पांच ट्रैकर्स तापस बाउरी, रतन घोष, रिंटू मंडल, उदय घोष और मनोज खवास उत्तराखंड के केदारताल ट्रैक पर हिमस्खलन में फंस गए हैं। इनमें पहले चार सालबानी गांव के रहने वाले हैं और मनोज खवास बांकुरा के केशरा गांव के निवासी हैं। इसके अलावा तीन अन्य सदस्य भी लापता हैं, जिनमें दो उत्तर प्रदेश के लखनऊ और एक उत्तराखंड के उत्तरकाशी से हैं।
हिमस्खलन और बचाव प्रयास
चार शेरपा और एक सहायक सहित 12 सदस्यों का अभियान दल 24 अक्टूबर को गंगोत्री से केदारताल के लिए रवाना हुआ था। दल ने बेस कैंप से निर्धारित समय पर यात्रा शुरू की, लेकिन लगभग 4,000 मीटर की ऊंचाई पर अचानक आए हिमस्खलन और भारी बर्फबारी के कारण आठ सदस्य लापता हो गए।
30 अक्टूबर को चार सदस्य, जिनमें एक शेरपा और सहायक शामिल थे, अपने गंतव्य तक पहुंचने में सफल रहे और उन्होंने अधिकारियों को बताया कि बाकी आठ सदस्य लापता हैं। इस सूचना के बाद उत्तराखंड सरकार ने खोज और बचाव अभियान शुरू किया।
उत्तराखंड नागरिक उड्डयन विकास प्राधिकरण के हेलीकॉप्टर की मदद से एसडीआरएफ (राज्य आपदा प्रतिक्रिया बल) की टीम पिछले दो दिनों से खोज कर रही है, लेकिन मौसम की प्रतिकूलता के कारण अभी तक कोई सफलता नहीं मिली है।
पश्चिम बंगाल सरकार की प्रतिक्रिया
पश्चिम बंगाल के मुख्यमंत्री सुवेंदु अधिकारी ने लापता ट्रैकर्स की सुरक्षा को लेकर गहरी चिंता जताई है। उन्होंने बताया कि राज्य सरकार उत्तराखंड प्रशासन और एसडीआरएफ के साथ लगातार संपर्क में है और खोज एवं बचाव अभियान पर नजर रखी जा रही है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि बांकुरा के अतिरिक्त पुलिस महानिदेशक (कानून व्यवस्था) और पुलिस अधीक्षक को घटनास्थल पर चौबीसों घंटे समन्वय बनाए रखने की जिम्मेदारी दी गई है। राज्य प्रशासन ने पीड़ित परिवारों से संपर्क कर उन्हें हर संभव रसद और भावनात्मक सहायता प्रदान की है।
उन्होंने फेसबुक पोस्ट में लिखा, "हम परिवारों के साथ मजबूती से खड़े हैं और अपने युवाओं की सुरक्षित और शीघ्र वापसी सुनिश्चित करने के लिए कोई कसर नहीं छोड़ रहे। हम उनकी सुरक्षा और कुशलक्षेम के लिए प्रार्थना करते हैं।"
परिवारों की चिंता और प्रशासन की कार्रवाई
लापता ट्रैकर्स के परिवारों ने बताया कि वे पर्वतारोहियों के साथ नियमित संपर्क में थे, लेकिन पिछले दो-तीन दिनों से उनसे कोई संपर्क नहीं हो पा रहा है। उनके मोबाइल भी बंद हैं, जिससे चिंता बढ़ गई है।
बांकुरा के जिला मजिस्ट्रेट अनीश दासगुप्ता ने बताया कि परिवारों से संपर्क कर हर संभव मदद का आश्वासन दिया गया है। उत्तराखंड प्रशासन भी स्थानीय अधिकारियों के साथ मिलकर बचाव अभियान में लगा हुआ है।
स्रोत: navjivanindia.com


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