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शनिवार, 31 अक्टूबर 2026
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विधान परिषद चुनाव में भाजपा को चुनौती, अमित शाह ने लखनऊ में जोश भरा

विधान परिषद के चुनाव में भाजपा को चुनौतियां मिलीं, अमित शाह ने लखनऊ में कार्यकर्ताओं को 2027 के चुनाव की तैयारी का टास्क दिया।

विधान परिषद चुनाव में भाजपा को चुनौती, अमित शाह ने लखनऊ में जोश भरा

उत्तर प्रदेश में विधान परिषद के 11 सीटों के चुनाव परिणाम ने राज्य की राजनीति में नया परिदृश्य पेश किया है। भाजपा को इस चुनाव में आईना दिखा है और उसे 2027 के विधानसभा चुनाव की तैयारी पर ध्यान केंद्रित करना होगा। समाजवादी पार्टी को इस चुनाव से आत्मविश्वास मिला है, जो 2024 के लोकसभा चुनाव के जैसे माहौल की ओर इशारा करता है।

अमित शाह ने लखनऊ में बढ़ाया भाजपा कार्यकर्ताओं का उत्साह

केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने लखनऊ में भाजपा कार्यकर्ताओं को संबोधित करते हुए पार्टी को यूपी में लगातार तीसरी बार सरकार बनाने का लक्ष्य दिया। उन्होंने कार्यकर्ताओं को 313 सीटें जीतने का टास्क सौंपा। हालांकि विधान परिषद में भाजपा ने छह सीटें तो बरकरार रखीं, लेकिन दो निर्दलीय सीटें समाजवादी पार्टी के खाते में चली गईं। वाराणसी और लखनऊ जैसे खास क्षेत्रों में मिली हार से पार्टी चिंतित है क्योंकि ये प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह के संसदीय क्षेत्र हैं।

2027 विधानसभा चुनाव की रणनीति और चुनाव परिणाम

अमित शाह ने भाजपा की सरकार की तुलना महाभारत के अंगद के पांव से करते हुए कहा कि इसे हटाना संभव नहीं है। उन्होंने 2017 के चुनाव की याद दिलाई और उसी तरह के परिणाम दोहराने का आह्वान किया। प्रदेश के पंचायतीराज मंत्री ओम प्रकाश राजभर ने कहा कि यह चुनाव केवल पढ़े-लिखे लोगों का था, जिसे विपक्ष ने भाजपा के खिलाफ मतदाताओं की नाराजगी माना। भाजपा ने लखनऊ में अपनी प्रदेश कार्य समिति की बैठक में 2027 के चुनाव का रोडमैप भी तैयार किया।

विधान परिषद चुनाव के प्रमुख परिणाम

क्षेत्रजीतने वालापार्टीमतदूसरा स्थानमत
मेरठ स्नातकदिनेश कुमार गोयलभारतीय जनता पार्टी24,929प्रमेन्द्र सिंह भाटी (सपा)12,073
आगरा स्नातकडॉ. मानवेंद्र प्रताप सिंहभारतीय जनता पार्टी42,743शशांक यादव (सपा)27,734
इलाहाबाद-झांसी स्नातकडॉ. मान सिंह यादवसमाजवादी पार्टी60,358अशोक कुमार राठौर (भाजपा)32,695
लखनऊ स्नातककांति सिंहसमाजवादी पार्टी56,905अवनीश कुमार सिंह (भाजपा)39,778
वाराणसी स्नातकआशुतोष सिन्हासमाजवादी पार्टी55,046केदारनाथ सिंह (भाजपा)35,114
लखनऊ शिक्षकउमेश द्विवेदीभारतीय जनता पार्टी13,179सुशील कुमार (सपा)8,371
वाराणसी शिक्षकलाल बिहारी यादवसमाजवादी पार्टी11,612डॉ. प्रमोद कुमार मिश्र (भाजपा)6,597
आगरा शिक्षकडॉ. आकाश अग्रवालसमाजवादी पार्टी14,046हरि किशोर तिवारी (भाजपा)9,783
मेरठ शिक्षकश्रीचन्द शर्माभारतीय जनता पार्टी18,099डॉ. नितिन तोमर (सपा)4,858
बरेली-मुरादाबाद शिक्षकडॉ. हरी सिंह ढिल्लोभारतीय जनता पार्टी21,672हाजी दानिश अख्तर (सपा)3,996
गोरखपुर-फैजाबाद शिक्षकध्रुव कुमार त्रिपाठीभारतीय जनता पार्टी16,790राजीव यादव (निर्दलीय)14,580

भाजपा के लिए चुनौतियां और आगे का रास्ता

विधान परिषद चुनाव में मिली हार से भाजपा को अपनी रणनीति सुधारने की जरूरत महसूस हो रही है। खासकर वाराणसी, लखनऊ और गोरखपुर जैसे खास क्षेत्रों में मिली पराजय चिंताजनक है। अमित शाह ने कार्यकर्ताओं को पार्टी का मालिक बताते हुए आगामी चुनाव में एकजुट होकर काम करने का निर्देश दिया। विपक्षी दलों ने इस चुनाव को भाजपा के खिलाफ बढ़ती नाराजगी के संकेत के रूप में देखा है।

यह चुनाव शिक्षकों और स्नातकों के मतों से तय हुआ है, जो पार्टी के लिए जनादेश की नई तस्वीर पेश करता है। आगामी विधानसभा चुनाव के मद्देनजर भाजपा को अपनी गलतियों को सुधारना होगा, जबकि समाजवादी पार्टी को मिली सफलता ने उसकी उम्मीदों को मजबूत किया है।

स्रोत: livetimes.news

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