उत्तर प्रदेश में विधान परिषद के 11 सीटों के चुनाव परिणाम ने राज्य की राजनीति में नया परिदृश्य पेश किया है। भाजपा को इस चुनाव में आईना दिखा है और उसे 2027 के विधानसभा चुनाव की तैयारी पर ध्यान केंद्रित करना होगा। समाजवादी पार्टी को इस चुनाव से आत्मविश्वास मिला है, जो 2024 के लोकसभा चुनाव के जैसे माहौल की ओर इशारा करता है।
अमित शाह ने लखनऊ में बढ़ाया भाजपा कार्यकर्ताओं का उत्साह
केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने लखनऊ में भाजपा कार्यकर्ताओं को संबोधित करते हुए पार्टी को यूपी में लगातार तीसरी बार सरकार बनाने का लक्ष्य दिया। उन्होंने कार्यकर्ताओं को 313 सीटें जीतने का टास्क सौंपा। हालांकि विधान परिषद में भाजपा ने छह सीटें तो बरकरार रखीं, लेकिन दो निर्दलीय सीटें समाजवादी पार्टी के खाते में चली गईं। वाराणसी और लखनऊ जैसे खास क्षेत्रों में मिली हार से पार्टी चिंतित है क्योंकि ये प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह के संसदीय क्षेत्र हैं।
2027 विधानसभा चुनाव की रणनीति और चुनाव परिणाम
अमित शाह ने भाजपा की सरकार की तुलना महाभारत के अंगद के पांव से करते हुए कहा कि इसे हटाना संभव नहीं है। उन्होंने 2017 के चुनाव की याद दिलाई और उसी तरह के परिणाम दोहराने का आह्वान किया। प्रदेश के पंचायतीराज मंत्री ओम प्रकाश राजभर ने कहा कि यह चुनाव केवल पढ़े-लिखे लोगों का था, जिसे विपक्ष ने भाजपा के खिलाफ मतदाताओं की नाराजगी माना। भाजपा ने लखनऊ में अपनी प्रदेश कार्य समिति की बैठक में 2027 के चुनाव का रोडमैप भी तैयार किया।
विधान परिषद चुनाव के प्रमुख परिणाम
| क्षेत्र | जीतने वाला | पार्टी | मत | दूसरा स्थान | मत |
|---|---|---|---|---|---|
| मेरठ स्नातक | दिनेश कुमार गोयल | भारतीय जनता पार्टी | 24,929 | प्रमेन्द्र सिंह भाटी (सपा) | 12,073 |
| आगरा स्नातक | डॉ. मानवेंद्र प्रताप सिंह | भारतीय जनता पार्टी | 42,743 | शशांक यादव (सपा) | 27,734 |
| इलाहाबाद-झांसी स्नातक | डॉ. मान सिंह यादव | समाजवादी पार्टी | 60,358 | अशोक कुमार राठौर (भाजपा) | 32,695 |
| लखनऊ स्नातक | कांति सिंह | समाजवादी पार्टी | 56,905 | अवनीश कुमार सिंह (भाजपा) | 39,778 |
| वाराणसी स्नातक | आशुतोष सिन्हा | समाजवादी पार्टी | 55,046 | केदारनाथ सिंह (भाजपा) | 35,114 |
| लखनऊ शिक्षक | उमेश द्विवेदी | भारतीय जनता पार्टी | 13,179 | सुशील कुमार (सपा) | 8,371 |
| वाराणसी शिक्षक | लाल बिहारी यादव | समाजवादी पार्टी | 11,612 | डॉ. प्रमोद कुमार मिश्र (भाजपा) | 6,597 |
| आगरा शिक्षक | डॉ. आकाश अग्रवाल | समाजवादी पार्टी | 14,046 | हरि किशोर तिवारी (भाजपा) | 9,783 |
| मेरठ शिक्षक | श्रीचन्द शर्मा | भारतीय जनता पार्टी | 18,099 | डॉ. नितिन तोमर (सपा) | 4,858 |
| बरेली-मुरादाबाद शिक्षक | डॉ. हरी सिंह ढिल्लो | भारतीय जनता पार्टी | 21,672 | हाजी दानिश अख्तर (सपा) | 3,996 |
| गोरखपुर-फैजाबाद शिक्षक | ध्रुव कुमार त्रिपाठी | भारतीय जनता पार्टी | 16,790 | राजीव यादव (निर्दलीय) | 14,580 |
भाजपा के लिए चुनौतियां और आगे का रास्ता
विधान परिषद चुनाव में मिली हार से भाजपा को अपनी रणनीति सुधारने की जरूरत महसूस हो रही है। खासकर वाराणसी, लखनऊ और गोरखपुर जैसे खास क्षेत्रों में मिली पराजय चिंताजनक है। अमित शाह ने कार्यकर्ताओं को पार्टी का मालिक बताते हुए आगामी चुनाव में एकजुट होकर काम करने का निर्देश दिया। विपक्षी दलों ने इस चुनाव को भाजपा के खिलाफ बढ़ती नाराजगी के संकेत के रूप में देखा है।
यह चुनाव शिक्षकों और स्नातकों के मतों से तय हुआ है, जो पार्टी के लिए जनादेश की नई तस्वीर पेश करता है। आगामी विधानसभा चुनाव के मद्देनजर भाजपा को अपनी गलतियों को सुधारना होगा, जबकि समाजवादी पार्टी को मिली सफलता ने उसकी उम्मीदों को मजबूत किया है।
स्रोत: livetimes.news


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