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शुक्रवार, 6 नवंबर 2026
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सुप्रीम कोर्ट ने केरल कांग्रेस पोस्ट पर की कड़ी टिप्पणी, अवमानना जांच के आदेश

सुप्रीम कोर्ट ने केरल कांग्रेस की विवादित पोस्ट पर नाराजगी जताई और अवमानना जांच के आदेश दिए हैं।

सुप्रीम कोर्ट ने केरल कांग्रेस पोस्ट पर की कड़ी टिप्पणी, अवमानना जांच के आदेश

सुप्रीम कोर्ट ने न्यायिक स्वतंत्रता पर जताई चिंता

सुप्रीम कोर्ट ने 12 अक्टूबर को केरल कांग्रेस के आधिकारिक एक्स (X) अकाउंट पर वायरल हुई विवादित पोस्ट को लेकर नाराजगी जताई है। जस्टिस अरविंद कुमार और जस्टिस विपुल एम. पांचोली की पीठ ने कहा कि न्यायिक फैसलों की आलोचना की जा सकती है, लेकिन अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता को न्याय प्रशासन में हस्तक्षेप या धमकाने के लिए इस्तेमाल नहीं किया जा सकता।

अदालत ने न्यायपालिका के अधिकार पर बल दिया

पीठ ने कहा, "कोई व्यक्ति कितना भी ऊंचे पद पर क्यों न हो, अदालत के अधिकार को कमजोर करने की किसी भी कोशिश से सख्ती से निपटा जाना चाहिए।" न्यायपालिका को किसी राजनीतिक समर्थन की जरूरत नहीं है और यह कानून के शासन पर आधारित है। न्यायिक संयम को कभी भी कमजोरी नहीं माना जाना चाहिए।

केरल कांग्रेस ने माफी और पोस्ट हटाने की बात कही

केरल प्रदेश कांग्रेस कमेटी (KPCC) की तरफ से पेश वकील ने अदालत को बताया कि विवादित पोस्ट पदाधिकारियों की मंजूरी के बिना अपलोड हुई थी और बाद में हटा दी गई। पार्टी ने बिना शर्त माफी भी मांगी है। जस्टिस अरविंद कुमार ने कहा कि अदालत यह जांचेगी कि माफी "कलम से आई है या दिल से"।

अमिकस क्यूरी और अन्य सहयोगी नियुक्त

सुप्रीम कोर्ट ने वरिष्ठ अधिवक्ता अरविंद दातार और सिद्धार्थ अग्रवाल को एमिकस क्यूरी (न्याय मित्र) नियुक्त किया है। वे अदालत को यह तय करने में मदद करेंगे कि मामला आपराधिक अवमानना का है या दीवानी अवमानना का। अटॉर्नी जनरल आर. वेंकटरमणी से भी सहयोग मांगा गया है।

विवाद और जांच की मांग

यह मामला कांग्रेस के आधिकारिक पोस्ट से जुड़ा है, जो 12 अक्टूबर को वायरल हुआ था। विवाद बढ़ने पर पोस्ट हटा दी गई और जिम्मेदार व्यक्ति को पद से हटाया गया। मुख्य न्यायाधीश को संबोधित कर 13 अक्टूबर को शिकायत दर्ज कराई गई, जिसे 30 अक्टूबर को रिट याचिका में बदला गया।

शिकायत में यह भी जांच की मांग की गई कि क्या राहुल गांधी सहित अन्य नेताओं ने सुप्रीम कोर्ट परिसर में बिना अनुमति राजनीतिक प्रदर्शन किया और क्या इससे वकीलों, न्यायिक अधिकारियों या कर्मचारियों की आवाजाही बाधित हुई।

KPCC अध्यक्ष ने पोस्ट की जिम्मेदारी से इनकार किया

KPCC अध्यक्ष सनी जोसेफ ने बयान में कहा कि पोस्ट पार्टी नेतृत्व की जानकारी या सहमति के बिना प्रकाशित हुई। उन्होंने यह भी कहा कि कांग्रेस न्यायपालिका की निष्पक्षता के खिलाफ नहीं है।

स्रोत: hindi.webdunia.com

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