हाईकोर्ट ने JSSC-CGL परीक्षा रद्द करने के फैसले को खारिज किया
झारखंड हाईकोर्ट ने राज्य सरकार द्वारा 2024 की झारखंड कर्मचारी चयन आयोग संयुक्त स्नातक स्तरीय (JSSC-CGL) परीक्षा को रद्द करने के आदेश को खारिज कर दिया है। इस फैसले के बाद हजारों सफल उम्मीदवारों के भविष्य पर से संकट के बादल हटने लगे हैं।
हाईकोर्ट ने अपने फैसले में क्या कहा?
झारखंड हाईकोर्ट के जस्टिस दीपक रोशन की एकल पीठ ने स्पष्ट किया कि कुछ अभ्यर्थियों पर अनियमितता के आरोप या जांच के आधार पर पूरी चयन प्रक्रिया और सभी सफल उम्मीदवारों को संदिग्ध नहीं माना जा सकता। कोर्ट ने कहा कि बिना पूरी और ठोस जांच के पूरी परीक्षा को रद्द करना न्यायसंगत नहीं होगा।
अदालत ने यह भी कहा कि इस मामले में सीआईडी (CID) की जांच जारी रहेगी, लेकिन जांच के कारण चुने गए योग्य अभ्यर्थियों की नौकरी नहीं छीनी जा सकती।
मामले की पृष्ठभूमि
झारखंड में भर्ती परीक्षाओं में कथित अनियमितताओं के खिलाफ छात्रों ने बड़े पैमाने पर प्रदर्शन किए थे। इसके बाद राज्य सरकार ने इस परीक्षा को रद्द करने का फैसला लिया था। सरकार के इस कदम के बाद हजारों सफल अभ्यर्थी असमंजस में आ गए थे और उन्होंने हाईकोर्ट का रुख किया था।
क्या आगे होगा?
हालांकि हाईकोर्ट ने परीक्षा रद्द करने के आदेश को खारिज कर दिया है, पर सीआईडी की जांच अभी जारी है। इस जांच के नतीजों के बाद आगे की कार्रवाई हो सकती है, लेकिन फिलहाल चुने गए उम्मीदवारों को नौकरी से वंचित नहीं किया जाएगा।
महत्वपूर्ण तथ्य
- झारखंड हाईकोर्ट के जस्टिस दीपक रोशन ने फैसला सुनाया।
- सरकार ने 2024 की JSSC-CGL परीक्षा को रद्द किया था।
- कोर्ट ने बिना ठोस जांच के परीक्षा रद्द करना अनुचित बताया।
- सीआईडी की जांच जारी रहेगी लेकिन सफल उम्मीदवारों की नौकरी सुरक्षित रहेगी।
यह खबर क्यों महत्वपूर्ण है?
यह फैसला हजारों अभ्यर्थियों के भविष्य से जुड़ा है, जो परीक्षा रद्द होने से असमंजस में थे। हाईकोर्ट के आदेश से उनके अधिकार सुरक्षित हुए हैं और जांच प्रक्रिया में न्याय सुनिश्चित होगा।
स्रोत: hindi.webdunia.com


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