उत्तर प्रदेश कैडर की IPS अधिकारी प्रीति यादव को नोएडा जोन-1 का पुलिस उपायुक्त (DCP) नियुक्त किया गया है। यह नियुक्ति उन्हें इस क्षेत्र की पहली महिला DCP बनाती है। प्रीति यादव ने 22 साल की उम्र में अपने पहले प्रयास में UPSC सिविल सेवा परीक्षा पास की थी।
प्रीति यादव की शिक्षा और UPSC सफलता
प्रीति यादव ने 12वीं की परीक्षा 96.2 प्रतिशत अंकों के साथ ह्यूमैनिटीज स्ट्रीम से पास की। इसके बाद उन्होंने ज्योग्राफी विषय में ग्रेजुएशन किया और 96 प्रतिशत अंकों के साथ गोल्ड मेडल हासिल किया। ग्रेजुएशन के दौरान उन्होंने सिविल सेवा की तैयारी शुरू कर दी और पोस्ट ग्रेजुएशन की पढ़ाई बीच में छोड़ दी। वर्ष 2018 में 22 साल की उम्र में उन्होंने UPSC सिविल सेवा परीक्षा में 466वीं रैंक प्राप्त की।
उनकी पहली तैनाती और विशेष पहल
ट्रेनिंग के बाद प्रीति यादव की पहली तैनाती सहारनपुर में सहायक पुलिस अधीक्षक (ASP) के रूप में हुई। यहां उन्होंने पुलिस और जनता के बीच बेहतर संबंध बनाने पर काम किया। उन्होंने पुलिस लाइन के पुराने कैफे का पुनरुद्धार कर 'बेलआउट- द पुलिस कैफे' शुरू किया, जिसका उद्देश्य पुलिस और आम लोगों के बीच संवाद बढ़ाना था। साथ ही महिला सुरक्षा और सशक्तिकरण पर भी उन्होंने ध्यान दिया।
पिता से मिली पुलिस सेवा की प्रेरणा
प्रीति यादव के पिता पुलिस विभाग में कॉन्स्टेबल और बाद में असिस्टेंट सब-इंस्पेक्टर (ASI) रहे। पिता की वर्दी में जिम्मेदारी निभाते देखा तो प्रीति के मन में भी पुलिस सेवा के प्रति सम्मान और लगाव बढ़ा। उनकी मेहनत और लक्ष्य की स्पष्टता ने उन्हें सफलता दिलाई।
नोट: सपना यादव के बारे में
यह खबर सपना यादव ने तैयार की है जो TV9 भारतवर्ष डिजिटल में असिस्टेंट प्रोड्यूसर के पद पर कार्यरत हैं। उन्होंने दिल्ली यूनिवर्सिटी से BA Hons. हिस्ट्री, जामिया मिल्लिया इस्लामिया यूनिवर्सिटी से पीजी डिप्लोमा टीवी जर्नलिज्म और मास्टर्स की पढ़ाई की है। वर्तमान में वे एजुकेशन डेस्क पर करियर और प्रतियोगी परीक्षाओं से जुड़ी खबरें कवर करती हैं।
"पापा की पुलिस सेवा से प्रेरणा लेकर मैंने भी पुलिस सेवा में अपनी पहचान बनाई है।"
स्रोत: tv9hindi.com


टिप्पणियाँ
इस खबर पर सबसे पहले अपनी टिप्पणी करें।