मेडिकल कमीशन (NMC) ने NEET PG और NEET SS में परसेंटाइल हटाकर रैंक-आधारित एडमिशन सिस्टम को मंजूरी दी है।
परसेंटाइल की जगह रैंक जारी होगी
नेशनल एलिजिबिलिटी कम एंट्रेंस टेस्ट (NEET) PG के एडमिशन में बड़ा बदलाव आ रहा है। मेडिकल कमीशन (NMC) अब काउंसलिंग प्रक्रिया में कैंडिडेट्स की परसेंटाइल की जगह उनकी रैंक जारी करेगा। NEET PG और NEET SS दोनों में यह नया सिस्टम लागू होगा। इस बदलाव को NMC ने 23 सितंबर 2023 की बैठक में सैद्धांतिक मंजूरी दे दी है।
इस बात की जानकारी सुप्रीम कोर्ट में गठित 12 सदस्यीय विशेषज्ञ समिति ने अपनी रिपोर्ट में दी है, जो NEET-PG एडमिशन और काउंसलिंग प्रक्रिया की समीक्षा कर रही है। अभी रैंक जारी करने के नियमों को अंतिम रूप दिया जाना बाकी है।
रैंक आधारित सिस्टम क्यों जरूरी है?
रिपोर्ट में बताया गया है कि NMC क्वालिफाइंग कटऑफ और एडमिशन प्रक्रिया को सुधारने की दिशा में काम कर रहा है। पिछले साल NEET PG 2025 की कटऑफ में केंद्र सरकार ने जनरल कैटेगरी के लिए कटऑफ स्कोर 276 से घटाकर 103 कर दिया था और SC/ST/OBC के लिए इसे 235 से घटाकर माइनस 40 परसेंटाइल कर दिया गया था। इस फैसले को सुप्रीम कोर्ट में चुनौती दी गई है और सुनवाई जारी है।
विशेषज्ञ समिति की रिपोर्ट में कहा गया है कि पोस्टग्रेजुएट मेडिकल शिक्षा की क्वालिफाइंग कटऑफ इतनी कम नहीं होनी चाहिए कि कमजोर प्रदर्शन करने वाले कैंडिडेट्स भी आसानी से एडमिशन पा जाएं। परीक्षा की गरिमा बनाये रखना जरूरी है।
आगे की प्रक्रिया और क्या होगा?
रिपोर्ट में उल्लेख है कि 1 अक्टूबर 2026 को NMC सचिव ने DGHS को एक पत्र लिखा है, जिससे नए नियमों को लागू करने की प्रक्रिया शुरू हो सके। नए नियमों में कैंडिडेट्स को परसेंटाइल नहीं बल्कि केवल उनकी रैंक जारी की जाएगी। इससे मेरिट के आधार पर बेहतर चयन संभव होगा।
इस बदलाव के बाद NEET PG और NEET SS में एडमिशन प्रक्रिया अधिक पारदर्शी और प्रतिस्पर्धात्मक होगी। फिलहाल नियमों को अंतिम रूप देना बाकी है और आने वाले समय में इसे लागू किया जाएगा।
स्रोत: tv9hindi.com


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