ईरान युद्ध को लेकर अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप और रक्षा मंत्री पीट हेगसेथ के बीच मतभेद बढ़ गए हैं।
ट्रंप के लिए ईरान युद्ध एक बड़ी चुनौती
वॉशिंगटन में जारी रिपोर्ट के अनुसार, अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ईरान के साथ जारी युद्ध को लेकर चिंतित हैं। वे रक्षा मंत्री पीट हेगसेथ को पद से हटाने पर विचार कर रहे हैं। ट्रंप का आरोप है कि हेगसेथ ने उन्हें भरोसा दिया था कि युद्ध कुछ ही महीनों में खत्म हो जाएगा, लेकिन आठ महीने बीतने के बाद भी संघर्ष जारी है।
रिपोर्ट में यह भी बताया गया है कि ट्रंप युद्ध के लंबित रहने की जिम्मेदारी तय करने के लिए अपने करीबी सहयोगियों से चर्चा कर रहे हैं। वे यह जानना चाहते हैं कि सैन्य रणनीति और युद्ध की वास्तविक स्थिति का आकलन कहां गलत हुआ। इस वजह से अमेरिकी प्रशासन के भीतर मतभेद बढ़ गए हैं।
हेगसेथ और सेना प्रमुख के कामकाज पर ट्रंप की राय
अमेरिकी मैगजीन 'द अटलांटिक' की रिपोर्ट के मुताबिक, ट्रंप रक्षा मंत्री पीट हेगसेथ के साथ-साथ अमेरिकी ज्वाइंट चीफ्स ऑफ स्टाफ के चेयरमैन जनरल डैन केन के कामकाज पर भी राय ले रहे हैं। ये दोनों अधिकारी ईरान युद्ध के दौरान राष्ट्रपति के मुख्य सैन्य सलाहकार रहे हैं।
कुछ व्हाइट हाउस अधिकारियों का मानना है कि हेगसेथ राष्ट्रपति को युद्ध की वास्तविक स्थिति से पूरी जानकारी नहीं दे रहे हैं। वे युद्ध की कठिनाइयों को कम दिखाते हैं और सकारात्मक जानकारियां अधिक साझा करते हैं। हालांकि, रक्षा विभाग के प्रवक्ता सीन पार्नेल ने इस आरोप को खारिज करते हुए कहा कि हेगसेथ लगातार प्रशासन को सैन्य अभियानों की पूरी जानकारी देते हैं।
मिडटर्म चुनाव में रिपब्लिकन पार्टी की चिंता
रिपोर्ट में कहा गया है कि ईरान युद्ध का अमेरिका की घरेलू राजनीति पर असर पड़ रहा है। ट्रंप को डर है कि लंबी लड़ाई से आगामी मिडटर्म चुनावों में रिपब्लिकन पार्टी की जीत मुश्किल हो जाएगी। कांग्रेस के दोनों सदनों में उनकी पार्टी बहुमत खो सकती है, जिससे ट्रंप के राजनीतिक एजेंडे को नुकसान होगा।
इसी कारण ट्रंप युद्ध की रणनीति और सैन्य नेतृत्व की जवाबदेही तय करना चाहते हैं। वे जानना चाहते हैं कि युद्ध इतना लंबा क्यों चला और इसके लिए कौन जिम्मेदार है।
29 अक्टूबर को युद्ध विकल्पों की प्रस्तुति
रिपोर्ट के अनुसार, 29 अक्टूबर को रक्षा मंत्री पीट हेगसेथ और जनरल डैन केन ने राष्ट्रपति ट्रंप और उपराष्ट्रपति जेडी वेंस को युद्ध से जुड़े कई विकल्प प्रस्तुत किए थे। इन विकल्पों का मकसद था कि राष्ट्रपति सैन्य अभियान में जीत का दावा कर सकें।
हालांकि, युद्ध की वर्तमान स्थिति और इसके राजनीतिक प्रभावों के कारण प्रशासन के भीतर रणनीति पर चर्चा जारी है। ट्रंप के सामने चुनौती है कि सैन्य कार्रवाई को निर्णायक परिणाम तक पहुंचाएं ताकि घरेलू राजनीति में इसका सकारात्मक असर दिखे।
हेगसेथ अपनी स्थिति मजबूत करने की कोशिश में
दूसरी ओर, रक्षा मंत्री पीट हेगसेथ भी राष्ट्रपति के सामने अपनी स्थिति मजबूत करने की कोशिश कर रहे हैं। रिपोर्ट बताती है कि उन्होंने पेंटागन में गोपनीय सूचनाएं मीडिया तक पहुंचाने के संदेह में अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई तेज कर दी है।
पिछले सप्ताह उन्होंने ज्वाइंट स्टाफ के प्लानिंग डायरेक्टर लेफ्टिनेंट जनरल ब्रेट सिल्विया को पद से हटा दिया। यह कदम ईरान युद्ध और अमेरिकी हथियारों की कमी से जुड़ी खबरों के लीक होने के बाद उठाया गया।
यह घटनाक्रम दर्शाता है कि ईरान युद्ध केवल सैन्य मोर्चे तक सीमित नहीं है, बल्कि इसका असर अमेरिकी प्रशासन, रक्षा विभाग और रिपब्लिकन पार्टी की चुनावी रणनीति पर भी पड़ रहा है। अब यह देखना बाकी है कि ट्रंप रक्षा मंत्री के खिलाफ कोई बड़ा फैसला लेते हैं या उन्हें एक और मौका देते हैं।
स्रोत: deshbandhu.co.in


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