डिंपल यादव ने कहा कि उत्तर प्रदेश विधान परिषद चुनाव में समाजवादी पार्टी के पांच MLC उम्मीदवारों की जीत ने प्रदेश में बदलाव की मजबूत नींव रखी है। यह जीत PDA (पिछड़ा, दलित, अल्पसंख्यक) गठबंधन की एकजुट ताकत को दर्शाती है, जिसने तानाशाही और जनविरोधी नीतियों के खिलाफ एक मजबूत संदेश दिया है।
सामाजिक वर्गों का बढ़ता भरोसा
डिंपल यादव ने बताया कि यह जीत शोषितों, वंचितों और युवाओं के समाजवादी पार्टी पर बढ़ते भरोसे का प्रतीक है। उन्होंने कहा, "यह परिणाम अखिलेश यादव की नीतियों और लोकप्रियता का नतीजा है।" वाराणसी से समाजवादी पार्टी के लाल बिहारी यादव और आशुतोष सिन्हा ने MLC सीटें जीतकर वाराणसी मॉडल को खारिज कर दिया।
BJP के पास नहीं कोई ठोस मुद्दा
डिंपल यादव ने BJP की आलोचना करते हुए कहा कि यह चुनाव मुद्दों पर लड़ा गया और BJP के पास कोई वास्तविक मुद्दा नहीं था। उन्होंने पार्टी के हर कार्यकर्ता और समर्थक को धन्यवाद दिया और आगामी विधानसभा चुनावों में समाजवादी पार्टी की जीत के लिए मेहनत जारी रखने का आह्वान किया।
उत्तर प्रदेश में नया राजनीतिक युग
डिंपल यादव ने कहा कि PDA की यह जीत उत्तर प्रदेश की राजनीति में नए युग की शुरुआत है। इस सफलता ने 2027 के विधानसभा चुनावों के लिए समाजवादी पार्टी की संभावनाओं को और मजबूत किया है। उन्होंने बताया कि आने वाले चुनावों में समाजवादी पार्टी पूर्ण बहुमत के साथ सरकार बनाएगी।
| MLC सीट | जीतने वाले उम्मीदवार |
|---|---|
| शिक्षक सीट (वाराणसी) | लाल बिहारी यादव (सपा) |
| स्नातक सीट (वाराणसी) | आशुतोष सिन्हा (सपा) |
डिंपल यादव ने कहा कि PDA गठबंधन की बढ़ती ताकत और जनता के समर्थन ने इस जीत को संभव बनाया है। उन्होंने सभी से अपील की कि इस जीत को आगे बढ़ाएं और 2027 में अखिलेश यादव को मुख्यमंत्री बनाएं।
स्रोत: livetimes.news


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