त्योहारी सीज़न में सिर्फ़ सामान की क़ीमत ही नहीं, भुगतान का तरीक़ा भी मायने रखता है। रिपोर्ट के अनुसार कैश या UPI से भुगतान पर कोई बकाया नहीं रहता, जबकि कार्ड और EMI में शुल्क और ब्याज का ध्यान रखना ज़रूरी है।
स्रोत: न्यूज़18 हिंदी. यह सारांश News Speaks की टीम ने अपने शब्दों में तैयार किया है; पूरी रिपोर्ट के लिए मूल लिंक देखें।


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