पटना में लोक जनशक्ति पार्टी (रामविलास) के प्रमुख चिराग पासवान ने कहा है कि उनकी पार्टी 2027 के उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव के लिए पूरी तरह तैयार है। उन्होंने स्पष्ट किया कि अगर NDA गठबंधन के तहत बात नहीं बनती, तो उनकी पार्टी यूपी की सभी 403 सीटों पर अकेले चुनाव लड़ने को तैयार है।
मुख्य बातें
- चिराग पासवान ने कहा कि गठबंधन का स्वागत होगा, लेकिन अकेले लड़ने में भी पार्टी पूरी तरह से तैयार है।
- 5 नवंबर को वाराणसी में बड़ी जनसभा होगी।
- 28 नवंबर को लखनऊ में पार्टी का स्थापना दिवस मनाया जाएगा।
- पासवान ने पूर्वोत्तर में नागालैंड में अकेले चुनाव लड़ने और दो विधायक होने का उदाहरण दिया।
- उत्तर प्रदेश में 2027 के विधानसभा चुनावों से पहले राजनीतिक गतिविधियां तेज हो गई हैं।
चिराग पासवान की चुनाव तैयारी
ANI से खास बातचीत में चिराग पासवान ने बताया कि उनकी पार्टी उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव के लिए पूरी तरह तैयार है। उन्होंने कहा, "हम उत्तर प्रदेश के लिए 100% तैयार हैं। हमारी तैयारियां जोर-शोर से चल रही हैं।" 5 नवंबर को वाराणसी में एक बड़ी रैली होगी और 28 नवंबर को लखनऊ में पार्टी का स्थापना दिवस समारोह होगा।
पासवान ने यह भी कहा कि जैसे-जैसे चुनाव करीब आएगा, लोक जनशक्ति पार्टी (रामविलास) खुद को एक मजबूत दावेदार के रूप में स्थापित करेगी। जब गठबंधन की संभावना पर सवाल किया गया तो उन्होंने कहा कि अभी इस पर कुछ भी पक्का कहना जल्दबाजी होगी, लेकिन पार्टी हर स्थिति के लिए तैयार है।
पूर्वोत्तर में पार्टी की स्थिति
चिराग पासवान ने बताया कि नागालैंड में उनकी पार्टी ने अकेले चुनाव लड़ा था और वहां आज उनके दो विधायक हैं। उन्होंने कहा, "NDA के साथ हमारा राष्ट्रीय स्तर का गठबंधन है और बिहार में भी हम गठबंधन में हैं।" उन्होंने कहा कि अलग-अलग राज्यों में गठबंधन की व्यवस्थाओं का सम्मान करते हैं।
पासवान ने कहा,
"अगर कोई गठबंधन बनता है, तो यह अच्छी बात होगी, लेकिन अगर हालात कुछ और मांगते हैं, तो हम उत्तर प्रदेश की सभी 403 विधानसभा सीटों पर अकेले चुनाव लड़ने को भी तैयार हैं।"
उत्तर प्रदेश की राजनीतिक स्थिति
उत्तर प्रदेश में 2027 के विधानसभा चुनाव से पहले राजनीतिक गतिविधियां तेज हो गई हैं। यहां भाजपा और समाजवादी पार्टी के बीच कड़ा मुकाबला होने की संभावना है। कांग्रेस भी राज्य में अपनी स्थिति मजबूत करने की कोशिश कर रही है।
चिराग पासवान ने कांग्रेस नेता राहुल गांधी के वोट चोरी और विदेशी फंडिंग के आरोपों पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि ये आरोप कांग्रेस की सत्ता पाने की हताशा और चुनावी हार के बाद आत्म-मंथन न करने की अनिच्छा दिखाते हैं।
स्रोत: livetimes.news


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