मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के खिलाफ केरल में रिश्वत मामले की विजिलेंस जांच शुरू हो गई है, जबकि कांग्रेस दिल्ली में उनकी बर्खास्तगी को लेकर रणनीति बना रही है।
केरल में विजिलेंस जांच की शुरुआत
केरल राज्य सरकार के अधिकारी रहते हुए ज्ञानेश कुमार पर रिश्वत मांगने के आरोप लगे हैं। राज्य के विजिलेंस और भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो ने एक शिकायत के आधार पर जांच की शुरुआत की है। शिकायत पूर्व ठेकेदार साजन वी.ओ. ने दर्ज कराई है, जो "पैटीबेल" कंपनी से जुड़े थे। यह कंपनी केरल राज्य परिवहन परियोजना के सड़क निर्माण कार्यों में शामिल थी।
विजिलेंस निदेशक मनोज अब्राहम ने "स्पेशल इन्वेस्टिगेशन यूनिट-1" को इस मामले में जांच के आदेश दिए हैं। इस जांच में 2007 की पुरानी विजिलेंस जांच से संबंधित दस्तावेज और बयान भी देखे जाएंगे। जांच में आरोप है कि जब रिश्वत की मांग पूरी नहीं हुई तो करोड़ों रुपये के चार बिल रोक दिए गए थे।
कांग्रेस की बैठक और सीईसी के खिलाफ अभियान
कांग्रेस नेतृत्व सीईसी ज्ञानेश कुमार को हटाने के लिए अपने अभियान को तेज कर रहा है। राहुल गांधी ने 6 नवंबर को दिल्ली में पार्टी के वरिष्ठ नेताओं की बैठक बुलाई है, जिसमें कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे और अन्य शीर्ष पदाधिकारी शामिल होंगे। हालांकि इसे आधिकारिक तौर पर दीपावली मिलन समारोह बताया गया है, लेकिन इसका मकसद सीईसी के खिलाफ रणनीति तय करना माना जा रहा है।
केरल विधानसभा में विपक्ष के नेता वी. डी. सतीशन भी इस बैठक में शामिल होने के लिए दिल्ली पहुंच गए हैं। कांग्रेस इस बात पर विचार कर रही है कि संसद के अगले सत्र से पहले सीईसी को हटाने की मांग को कैसे मजबूत किया जाए। 'इंडिया' ब्लॉक भी संसद में इस मामले में नए कदम उठाने पर विचार कर रहा है।
सीईसी के खिलाफ विरोध प्रदर्शन और राजनीतिक परिप्रेक्ष्य
31 अक्टूबर को विपक्ष ने सीईसी ज्ञानेश कुमार के खिलाफ एक प्रतीकात्मक सार्वजनिक महाभियोग आयोजित किया था, जिसके बाद 1 नवंबर को रामलीला मैदान दिल्ली में एक बड़ी रैली हुई थी। विपक्ष चुनाव संबंधी कथित अनियमितताओं को लेकर उनकी बर्खास्तगी की मांग कर रहा है।
केरल की विजिलेंस जांच इस पूरे अभियान को नया राजनीतिक आयाम प्रदान कर रही है। यह मामला सीईसी के खिलाफ चल रही बहस में कानूनी और राजनीतिक प्रभाव डाल सकता है।
मामले की जांच अभी जारी
केरल की विजिलेंस टीम इस मामले की प्रारंभिक जांच कर रही है और पुरानी जांच के दस्तावेजों की समीक्षा कर रही है। जांच के नतीजे आने पर ही इस मुद्दे पर आगे की कार्रवाई तय होगी। फिलहाल यह स्पष्ट नहीं है कि जांच कब पूरी होगी और इसके बाद क्या कदम उठाए जाएंगे।
"केरल के विजिलेंस निदेशक मनोज अब्राहम ने जांच शुरू करने और पुराने दस्तावेजों की समीक्षा का निर्देश दिया है।"
इस बीच कांग्रेस की बैठक और विपक्ष के विरोध प्रदर्शन से यह मामला और भी चर्चा में रहेगा।
स्रोत: kharinews.com


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