भारतीय टीम ने न्यूजीलैंड के खिलाफ टी20 सीरीज के शुरुआती दोनों मैच जीत लिए हैं, लेकिन गेंदबाजों का प्रदर्शन उम्मीद के मुताबिक नहीं रहा है। खासकर चार साल बाद टीम में वापसी करने वाले अनुभवी भुवनेश्वर कुमार के लिए ये दोनों मैच अच्छे नहीं रहे। गेंदबाजी कोच मोर्ने मोर्कल ने भुवनेश्वर का हौसला बढ़ाते हुए कहा है कि उन्हें बाहरी दबाव भूलकर अपना स्वाभाविक खेल खेलना होगा।
भुवनेश्वर की गेंदबाजी पर मोर्कल की राय
मोर्कल ने बताया कि भुवनेश्वर को लेकर उन्हें भी दुख होता है क्योंकि चार साल बाद वापसी के कारण उन पर बहुत उम्मीदों का दबाव है। उन्होंने कहा कि आईपीएल में भुवी ने अच्छा प्रदर्शन किया था, लेकिन अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट का स्तर अलग होता है जहां गलती की गुंजाइश कम होती है। मोर्कल ने कहा कि भुवी को इस दबाव को अपने दिमाग से निकाल देना चाहिए क्योंकि वापसी के बाद उन्हें ज्यादा समय नहीं मिला है खुद को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर ढालने का।
अनुभव की कमी नहीं, बस स्वाभाविक खेल पर ध्यान दें
मोर्कल ने यह भी कहा कि भुवनेश्वर के पास अनुभव और हुनर की कोई कमी नहीं है। उन्होंने कहा कि पिछले नतीजों को भूलकर आगे बढ़ना जरूरी है और भुवी को टीम में अपनी जगह पक्की करने के लिए और मौके मिलने चाहिए। मोर्कल ने भुवी से कहा है कि उन्हें घबराने की जरूरत नहीं, बस अपनी स्वाभाविक गेंदबाजी पर ध्यान देना चाहिए और कुछ नया करने की कोशिश नहीं करनी चाहिए। उनके ऊपर थोड़ा दबाव है, लेकिन वह मैच दर मैच बेहतर प्रदर्शन करेंगे और अपनी पुरानी लय वापस पाएंगे। बाहरी आलोचनाओं और लोगों की बातों को नजरअंदाज करना जरूरी है।
RCB को चैंपियन बनाने में भुवनेश्वर का अहम योगदान
36 साल के भुवनेश्वर कुमार ने हाल ही में रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु (RCB) को चैंपियन बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई थी। आईपीएल 2026 में उन्होंने 16 मैचों में 28 विकेट लिए थे। हालांकि, न्यूजीलैंड के खिलाफ इस टी20 सीरीज के दोनों मैचों में उनका प्रदर्शन खास नहीं रहा। पहले मैच में 4 ओवर में बिना विकेट के 49 रन दिए और दूसरे मैच में 50 रन देकर केवल 1 विकेट लिया।


टिप्पणियाँ
इस खबर पर सबसे पहले अपनी टिप्पणी करें।