टीम इंडिया के महान बल्लेबाज विराट कोहली ने 5 नवंबर को अपना 38वां जन्मदिन मनाया। 18 साल से अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट खेल रहे विराट ने अपने करियर की शुरुआत अंडर-17 और अंडर-19 क्रिकेट से की थी। उनके बैटिंग के साथ-साथ उनके टैटू भी फैंस के बीच खास पहचान रखते हैं। एक बार टैटू को लेकर उन्हें अपने कोच से डांट भी सुननी पड़ी थी।
टैटू पर कोच का विरोध और चुनौती
वरिष्ठ पत्रकार विजय लोकापल्ली ने बताया कि 2006 में, जब कोहली दिल्ली के लिए अंडर-17 विजय मर्चेंट ट्रॉफी खेल रहे थे, उन्होंने एक टैटू बनवाया था। उस समय भारतीय क्रिकेट में टैटू आम नहीं थे, इसलिए यह उनके कोच अजीत चौधरी को अच्छा नहीं लगा।
टूर्नामेंट के सेमीफाइनल से एक दिन पहले कोहली ने टैटू बनवाया था। जब उन्होंने कोच को टैटू दिखाया, तो कोच नाराज हो गए और उन्हें चुनौती दी कि वे अपने इस कदम को एक शानदार प्रदर्शन से सही साबित करें।
सेमीफाइनल में विराट का जवाब
कोहली ने बड़ौदा के खिलाफ सेमीफाइनल मैच में 228 रनों की जोरदार पारी खेली, जो उनके दोहरे शतक के रूप में यादगार बनी। इस पारी के बाद उन्होंने फिर से कोच को अपना टैटू दिखाया। फाइनल में भी उन्होंने 60 रन बनाकर टीम को चैंपियन बनाया।
यह घटना विराट कोहली के जूनियर क्रिकेट के दिनों की है, जब उन्होंने अपनी काबिलियत और आत्मविश्वास से कोच की नाराजगी को चुनौती में बदला।
स्रोत: tv9hindi.com


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