भोपाल के रातीबड़ में पूर्व IAS अधिकारी राकेश अग्रवाल के हत्या मामले में आरोपी वरुण बाल्मीकि को आगरा से गिरफ्तार किया गया है।
हत्या और गिरफ्तारी का पूरा मामला
29-30 सितंबर की रात भोपाल के रातीबड़ स्थित सूरज नगर में हुए पूर्व IAS अधिकारी राकेश अग्रवाल हत्या मामले में पुलिस ने बड़ी सफलता हासिल की है। आरोपी केयरटेकर वरुण बाल्मीकि को एक महीने की तलाश के बाद आगरा से गिरफ्तार किया गया। पकड़े जाने पर वरुण ने पुलिस से पहला सवाल पूछा कि "घर में धमाका हुआ या नहीं?" क्योंकि उसने हत्या के बाद घर में दो गैस सिलेंडर चालू कर दिए थे और कपड़ों पर जलती प्रेस रख दी थी ताकि घर में ब्लास्ट हो जाए और सबूत नष्ट हो जाएं।
भोपाल लाते समय आरोपी ने पुलिस की पिस्तौल छीनकर भागने की कोशिश की। पुलिस की जवाबी कार्रवाई में उसकी पिंडली में गोली लगी और उसे हमीदिया अस्पताल में भर्ती कराया गया है।
9 राज्यों में व्यापक जांच और 2500 से अधिक CCTV फुटेज की जांच
भोपाल पुलिस कमिश्नर संजय कुमार के निर्देशन में गठित SIT, रातीबड़, शाहपुरा, ऐशबाग थाना पुलिस और क्राइम ब्रांच की टीमों ने देश के 9 राज्यों में खोज अभियान चलाया। इनमें मध्य प्रदेश, उत्तर प्रदेश, राजस्थान, हरियाणा, पंजाब, दिल्ली, उत्तराखंड, कर्नाटक और चंडीगढ़ शामिल हैं। इन जगहों पर रेलवे स्टेशनों, बस स्टैंडों, धर्मशालाओं और रैन बसेरों में लगे 2500 से अधिक CCTV फुटेज खंगाले गए।
रिश्तेदारों से पूछताछ और छिपे रहने की रणनीति
पुलिस की टीमों ने ग्वालियर, आगरा, मथुरा और वृंदावन में साधु और भिक्षु का वेश बदलकर आरोपी की तलाश की। इस दौरान 100 से अधिक संदिग्धों, परिचितों और रिश्तेदारों से पूछताछ की गई। आगरा में आरोपी की बुआ के बेटे ने पुलिस को उसके छिपे होने की जानकारी दी, जिससे गिरफ्तारी में मदद मिली।
पता चला कि वरुण पिछले 15 दिनों से एक बस्ती में पन्नी बीनने वाले के रूप में छिपा हुआ था।
फरारी के दौरान आरोपी की चालाकियां
वरुण ने 18 अगस्त को अपना मोबाइल बेच दिया था और फरारी के दौरान 5 मोबाइल फोन बदले तथा गायब किए। उसने वृंदावन में पूर्व IAS अधिकारी का मोबाइल एक मानसिक रूप से विक्षिप्त व्यक्ति को थमा दिया था। आरोपी अपनी गर्लफ्रेंड से नाराज था और गालियां पोस्ट करने के लिए दूसरों के फोन का उपयोग कर रहा था। उसने आगरा-मथुरा के आसपास घूमकर हत्या की योजना बनाई।
फरारी के दौरान उसने 23-24 अमेरिकी डॉलर भारतीय रुपए में बदले और अपने खर्च चलाए।
गिरफ्तारी के बाद पुलिस की कार्रवाई
मंगलवार तड़के भोपाल लाते समय मुरैना छाप के पास जब आरोपी को ले जाया जा रहा था, तो उसने SI रमेश सिंह की पिस्तौल छीनने का प्रयास किया। पुलिस ने गोली चलाई जो उसकी दाईं पिंडली में लगी। पुलिस ने आरोपी को 7 दिन की रिमांड पर लिया है। पुलिस महानिदेशक ने उसके लिए 50 हजार रुपये का इनाम घोषित किया था।
स्रोत: tv9hindi.com


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